झालावाड़ में 'हार्ट सेफ झालावाड़' अभियान के तहत पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर आपातकालीन प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने की पहल की है। इसी कड़ी में मिश्रोली थाने में पुलिसकर्मियों और आमजन के लिए जीवन रक्षक तकनीकों का गहन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य आपात स्थितियों में त्वरित और प्रभावी सहायता सुनिश्चित करना है। यह प्रशिक्षण एसपी अमित कुमार बुडानिया और डीएसपी प्रेम कुमार चौधरी के मार्गदर्शन में तथा सीएमएचओ डॉ. साजिद खान के निर्देशन में संपन्न हुआ। जिला नोडल अधिकारी डॉ. शुभम गिरिराज पाटीदार और टीम त्रिलोक नागर ने प्रतिभागियों को सीपीआर (हृदय गति रुकने पर जीवन रक्षक प्रक्रिया), गले में वस्तु फंसने पर हेमलिच मैन्युवर, सर्पदंश में प्रेशर इमोबिलाइजेशन तकनीक, एईडी मशीन का उपयोग और अचेत व्यक्ति के लिए रिकवरी पोजीशन जैसी महत्वपूर्ण तकनीकें सिखाईं। फर्स्ट एड किट वितरित की अभियान के तहत मिश्रोली पुलिस थाना परिसर में एक ओआरएस एटीएम भी स्थापित किया गया है, जो भीषण गर्मी के दौरान तत्काल राहत प्रदान करेगा। पुलिसकर्मियों को हीट स्ट्रोक की पहचान, प्राथमिक उपचार, हीट रेस्क्यू स्प्रे मशीन का उपयोग और तत्काल राहत प्रदान करने की तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान फर्स्ट एड किट भी वितरित की गईं। यह पुलिस स्टाफ रहा मौजूद पुलिस स्टाफ थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह, चंद्रकांत, मुकेश कुमार, मनोज कुमार, अंजू सारण, सूरज राठौड़, शाकिर हुसैन एवं दुर्वाराम सामोटा ने इस पहल को “जमीनी स्तर पर जीवन बचाने वाली क्रांतिकारी पहल” बताया। साथ ही कहा कि भीड़-भाड़ वाले स्थानों एवं आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस ही प्रथम प्रतिक्रिया देने वाली इकाई होती है।