झालावाड़ जिले के किसानों और पशुपालकों के लिए एक अच्छी खबर है। अब कृषि विज्ञान केंद्र, झालावाड़ में प्रतापधन नस्ल के मुर्गे-मुर्गियां और उनके चूजे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह उन्नत क्रॉसब्रीड नस्ल सालभर अंडा उत्पादन करने की क्षमता रखती है, जिससे किसानों को नियमित आय का बेहतर अवसर मिलेगा। कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रतापधन मुर्गी को मेवाड़ी, रोड आइलैंड रेड और देसी नस्लों के क्रॉस से विकसित किया गया है। इसकी प्रमुख विशेषता यह है कि यह देसी मुर्गी की तुलना में लगभग 4 से 5 गुना अधिक अंडे देती है। 8 से 15 रुपए तक बिकता है अंडा जहां देसी मुर्गी एक साल में केवल 35 से 40 अंडे देती है, वहीं प्रतापधन मुर्गी प्रति वर्ष लगभग 170 अंडे देने की क्षमता रखती है। विशेषज्ञों का कहना है कि देसी मुर्गी लगभग 3 महीने तक अंडे देने के बाद कई महीनों तक उत्पादन बंद कर देती है, जबकि प्रतापधन मुर्गी पूरे वर्ष अंडे देती रहती है। इसके अंडों का बाजार मूल्य मौसम के अनुसार 8 से 15 रुपए प्रति अंडा तक मिलता है, जिससे पशुपालकों की आय में वृद्धि हो सकती है। वजन के संदर्भ में 6 महीने की उम्र में प्रतापधन मुर्गी का वजन 2 से 2.5 किलोग्राम तक पहुंच जाता है, जबकि मुर्गे का वजन 1.5 से 1.8 किलोग्राम रहता है। केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, प्रतापधन मुर्गा लगभग 800 रुपए और मुर्गी करीब 600 रुपए में बेची जा सकती है। फिलहाल कृषि विज्ञान केंद्र में लगभग 70 प्रतापधन मुर्गे-मुर्गियां और 300 एक माह के चूजे उपलब्ध हैं। इच्छुक किसान और पशुपालक निर्धारित दरों पर इन्हें खरीद सकते हैं। प्रतापधन चूजों की निर्धारित कीमतें इस प्रकार हैं: सिरोही नस्ल की बकरियां भी मिल रही कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. हितेश मुवाल ने बताया कि झालावाड़ कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से किसानों और पशुपालकों को सिरोही नस्ल की बकरियां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। जनजातीय उपयोजना के तहत नस्ल सुधार के लिए सिरोही नस्ल के बीजु बकरे एवं बकरियां सामुदायिक आधार पर निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। सिरोही नस्ल दूध उत्पादन के साथ-साथ मांस उत्पादन के लिए भी बेहतर मानी जाती है। इस नस्ल के बकरे एक वर्ष में लगभग 45 किलोग्राम तक वजन प्राप्त कर लेते हैं, जिससे पशुपालकों को अच्छा आर्थिक लाभ मिलता है। योजना के तहत 30 किसानों और पशुपालकों को एक-एक बकरी उपलब्ध कराई जाती है। पशुपालक बकरी पालन और उसके व्यापार के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।