झालावाड़ में रामगंजमंडी से आ रही एक रोडवेज बस में सोमवार रात करीब 8 बजे औचक जांच की गई। इस दौरान बस में सवार 37 यात्रियों में से 35 यात्री बिना टिकट यात्रा करते पाए गए, जिससे राजस्थान रोडवेज को राजस्व का भारी नुकसान हुआ। रोडवेज की फ्लाइंग टीम बसों की जांच कर रही थी। इसी कड़ी में रोडवेज के सहायक संभाग प्रबंधक नंदकिशोर मीणा ने झालावाड़ पहुंचने पर बस की जांच की। जांच में यह बड़ी अनियमितता सामने आई कि बस में 37 यात्री सवार थे, जिनमें से 35 के पास वैध टिकट नहीं थे। इस गंभीर मामले में 'पैसेंजर फाल्ट' योजना के तहत कार्रवाई की गई। बिना टिकट यात्रा कर रहे यात्रियों से लगभग 4,000 रुपए का जुर्माना वसूला गया। इसके साथ ही, संबंधित बस सारथी (कंडक्टर) को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। लगातार जारी रहेंगे जांच अभियान सहायक संभाग प्रबंधक नंदकिशोर मीणा ने बताया कि विभाग ने बिना टिकट यात्रा कराने के मामलों में सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे विशेष जांच अभियान लगातार चलाए जाएंगे। उन्होंने यात्रियों से भी अपील की कि वे हमेशा वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें, क्योंकि बिना टिकट यात्रा करना कानूनन अपराध है। यह भी सामने आया है कि कई यात्री कम किराए के लालच में टिकट नहीं लेते, जबकि कंडक्टर भी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के लिए टिकट जारी नहीं करते। इससे विभाग को राजस्व की हानि होती है और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। पहले भी सामने आया था ऐसा मामला गौरतलब है कि झालावाड़ रोडवेज निगम में पहले भी ऐसा एक बड़ा मामला सामने आया था, जब 70 में से 68 यात्री बिना टिकट मिले थे। जबकि विभाग की फ्लाइंग सूचनाएं लिंक करने के मामले में पुलिस विभाग की ओर से ऐसे सदिग्ध लोगों के खिलाफ कार्यवाई की जा चुकी है जिनको जैल का रास्ता भी दकहन पड़ा था।आपको बता दें कि पैसेंजर फाल्ट योजना में 10 गुना पेनल्टी वसूलने के प्रावधान है।