झालावाड़ में भारत विकास परिषद की झालारानी शाखा द्वारा आयोजित सात दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को सम्मान समारोह के साथ समापन हुआ। 6 से 11 जुलाई तक चले इस शिविर में 250 छात्राओं ने भाग लिया, जहां उन्हें आत्मरक्षा के व्यावहारिक कौशल, आपात परिस्थितियों में खुद को सुरक्षित रखने के तरीके, आत्मविश्वास, योग और डिजिटल अनुशासन का प्रशिक्षण दिया गया। 250 छात्राओं ने लिया प्रशिक्षण कोटा रोड स्थित एक निजी स्कूल में आयोजित इस शिविर में 250 छात्राओं ने भाग लिया। प्रशिक्षक सुश्री कृष्णा ने छात्राओं को खतरे की पहचान, आत्मविश्वास विकसित करने और आत्मरक्षा के प्रभावी तरीके सिखाए। उन्होंने अपहरण जैसी परिस्थितियों में बचाव के उपाय और अपने से अधिक लंबे या ताकतवर व्यक्ति का सामना करने की तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया। मनोचिकित्सक डॉ. रश्मि गुप्ता और कृष्णा वर्मा ने आत्मरक्षा के विभिन्न कौशलों का प्रदर्शन करते हुए छात्राओं को नियमित अभ्यास करने की सलाह दी। सकारात्मक सोच और मोबाइल के संतुलित उपयोग का संदेश कार्यक्रम में झालारानी शाखा की अध्यक्षा अर्चना मालपानी ने छात्राओं को सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने मोबाइल का सीमित उपयोग करने, स्क्रीन टाइम निर्धारित रखने और केवल ज्ञानवर्धक सामग्री देखने की सलाह दी। वहीं, निर्मला सोमानी ने स्वस्थ जीवन के लिए योग को आवश्यक बताया। परिचित से भी खतरा हो तो करें आत्मरक्षा स्कूल की प्रिंसिपल कृतिका ने सफल आयोजन के लिए भारत विकास परिषद की झालारानी शाखा का आभार व्यक्त किया और शाखा का सम्मान किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने गीता के उपदेश का उल्लेख किया और कहा कि यदि कोई परिचित व्यक्ति भी गलत इरादे से हमला करे, तो आत्मरक्षा के लिए कदम उठाने में बिल्कुल संकोच नहीं करना चाहिए। ये रहे मौजूद समापन समारोह में शाखा की अध्यक्षा अर्चना मालपानी, सचिव चेतना अग्रवाल, कोषाध्यक्ष सुमन खंडेलवाल, निलेश जैन, अनीता शर्मा, स्नेहा खंडेलवाल, नम्रता गॉड, सूची कोठारी, रीना अग्रवाल, निर्मला सोमानी, रानी माहेश्वरी, ममता गुप्ता, मधु खरीददार अग्रवाल, नेहा मोदी, डॉ. रश्मि गुप्ता, रेनू गुप्ता, स्कूल की प्रिंसिपल, अध्यापिकाएं तथा अन्य मौजूद रहे।