झालावाड़ शहर के राजकीय अस्पताल के पास सर्विस लेन पर पिछले 35 से 40 सालों से ठेला एवं फुटकर व्यवसाय कर रहे दुकानदार गुरुवार को मिनी सचिवालय पहुंचे। उन्होंने जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौंपकर शहर में स्थायी स्थान आवंटित करने की मांग की। दुकानदारों का कहना है कि नगर परिषद की ओर से ठेले और सामान जब्त किए जाने की कार्रवाई के कारण उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। 35-40 सालों से ठेला ही आजीविका का सहारा व्यापारियों ने बताया कि वे लंबे समय से अस्पताल के सामने और आसपास ठेले लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उनका कहना है कि ठेला ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है, लेकिन हाल के दिनों में नगर परिषद द्वारा लगातार ठेले हटाने और सामान जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई से बढ़ीं आर्थिक परेशानियां दुकानदारों का कहना है कि बार-बार की कार्रवाई के कारण वे बेरोजगारी की स्थिति का सामना कर रहे हैं। इससे परिवार का पालन-पोषण करना कठिन होता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट और गहरा जाएगा। स्थायी स्थान आवंटित करने की मांग व्यापारियों ने जिला कलेक्टर से मांग की कि उन्हें शहर में एक निर्धारित स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपना रोजगार जारी रख सकें। उनका कहना है कि स्थायी व्यवस्था होने से वे सम्मानपूर्वक आजीविका चला सकेंगे और प्रशासन को भी बार-बार कार्रवाई की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में लगते हैं ठेले उल्लेखनीय है कि झालावाड़ के राजकीय अस्पताल के बाहर सर्विस लेन पर वर्षों से बड़ी संख्या में ठेले और फुटकर दुकानें संचालित होती रही हैं, जहां मरीजों और उनके परिजनों की जरूरत का सामान उपलब्ध कराया जाता है।