सरकारी हॉस्पिटल में मोतियाबिंद (कैटरेक्ट) के ऑपरेशन के बाद मरीजों की हालत बिगड़ गई। उनकी आंखें सफेद पड़ गईं। 5 मरीजों की आंखों में ऐसा इंफेक्शन (संक्रमण) हुआ कि उन्हें फौरन जयपुर के सवाई मान सिंह (SMS) हॉस्पिटल लाना पड़ा। इन मरीजों की आंखों की रोशनी खतरे में है। यह पूरा मामला डीडवाना-कुचामन जिले के कुचामन सिटी स्थित राजकीय आई हॉस्पिटल का है। ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया गया है, मेडिकल टीम आने के बाद उसकी जांच की जाएगी। उधर, पिछले दिनों कोटा और बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं (महिलाओं) की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसमें से कई की जान चली गई थी। 6 पॉइंट में पूरा मामला समझिए... 1- 28 जुलाई को मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया- सभी मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन 28 जुलाई को कुचामन सिटी में हुआ था। सभी ऑपरेशन डॉ. विनोद और डॉ. राजकुमारी ने किए थे। इसके लगभग 24 घंटे बाद इंफेक्शन फैलने लगा और आंखें सफेद पड़ गईं। 2- कल रात जयपुर रेफर किए गए मरीजों की बिगड़ती हालत को देखते हुए कुचामन सिटी के डॉक्टरों ने उन्हें बुधवार रात जयपुर के SMS हॉस्पिटल रेफर किया था। सभी 5 मरीज रात करीब 9:30 बजे एसएमएस हॉस्पिटल पहुंच गए थे। इन्हें ट्रॉमा/इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। 3- मेडिकल प्रशासन अलर्ट मोड में देर रात घासीराम (65), हीराराम (73), गोकुल (70), मीरा देवी (68) और नारायणी (67) को SMS हॉस्पिटल लाया गया। इन मरीजों की स्थिति को देखते हुए मेडिकल प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया- हमने रात में ही सीनियर डॉक्टर्स का मेडिकल बोर्ड गठित कर ट्रीटमेंट शुरू करवा दिया है। 4- विभागाध्यक्ष की अगुवाई में बना 4 डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन किया है, जो मरीजों के इलाज और पल-पल की मॉनिटरिंग के लिए जिम्मेदार होगा। 5- स्थिति गंभीर, रोशनी बचाने की पूरी कोशिश मेडिकल बोर्ड के अध्यक्ष और नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नगेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि एसएमएस अस्पताल पहुंचते ही सभी मरीजों का स्टैंडर्ड मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत इलाज शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इंफेक्शन के कारण मरीजों की आंखों की स्थिति फिलहाल काफी गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम का पूरा प्रयास है कि इंफेक्शन को आगे फैलने से रोका जाए और मरीजों की आंखों की रोशनी सुरक्षित बचाई जा सके। 6- 2 मरीज आज रेफर हुए कुचामन उपखंड अधिकारी सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि कुचामन के राजकीय आई हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद मरीजों को कुछ परेशानी होने के कारण उन्हें जयपुर रेफर किया गया है। दो मरीज कानूड़ी और खेमाराम को आज (गुरुवार) रेफर किया गया है। कुचामन के राजकीय अस्पताल में अब तक 700 से ज्यादा सफल ऑपरेशन किए जा चुके हैं। इस तरह की दिक्कत पहली बार सामने आई है। हॉस्पिटल प्रशासन के अनुसार, सभी मरीजों के रूटीन ऑपरेशन हुए थे। जिला अस्पताल में एक महीने में 100 से ज्यादा ऑपरेशन होते हैं। 28 जुलाई को जिला अस्पताल के -------- ये खबरें भी पढ़िए… 1- कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में 6 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, एक की मौत कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं (प्रसूताओं) की तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद एक महिला ने दम तोड़ दिया। एक अन्य महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पढ़ें पूरी खबर... 2- सीलन-फंगस वाले वार्ड में भर्ती थीं गर्भवती महिलाएं:कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में 2 मौत, कई की हालत गंभीर, दवाओं के सैंपल लिए कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में खुशियां मातम में बदल गई हैं। सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक-एक कर दो महिलाओं ने दम तोड़ दिया। 4 की हालत गंभीर बनी हुई है। उधर, दैनिक भास्कर की पड़ताल में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। हॉस्पिटल प्रशासन ने न सिर्फ महिलाओं को संक्रमण (इंफेक्शन) के बीच धकेला, बल्कि मौत के बाद अपनी गर्दन बचाने के लिए पुख्ता सबूतों को भी मिटाने की कोशिश की। पढ़ें पूरी खबर...