झालावाड़ में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय बैंकर समिति की बैठक आयोजित की गई। मिनी सचिवालय में गुरुवार को हुई इस बैठक की अध्यक्षता जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने की। इसमें योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की वर्तमान स्थिति और बैंकों में लंबित निस्तारण पर चर्चा हुई। बैठक को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें उद्यमी के रूप में स्थापित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि योजना के तहत आने वाले आवेदनों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला कलक्टर ने बैंक प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना के तहत बैंकों में लंबित आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित गति से प्रोसेस किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि आवेदनों को निरस्त करने से पहले आपत्तियां वाजिब हों और आवेदकों को आवश्यक दस्तावेज पूरे करने के लिए उचित मार्गदर्शन दिया जाए।
बदलती तस्वीर, बढ़ती समृद्धि: आधुनिक कृषि यंत्रों से पिपलाज के किसानों की नई उड़ान
ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 (ग्राम-2026) को लेकर राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को ग्रामीण अंचलों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित ‘‘ग्राम रथ अभियान’’ जैसे आयोजनों का सफलतम परिणाम है कि कृषकों को कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी और लाभ मिलना बहुत आसान हो गया है।
राजस्थान के झालावाड़ जिले की ग्राम पंचायत पिपलाज आज खेती के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक बदलाव की मिसाल बनकर उभर रही है। ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट एवं अन्य जागरूकता अभियानों के माध्यम से आधुनिक तकनीक, कृषि विभाग की अनुदान योजनाओं की जानकरी मिलने और किसानों की जागरूकता ने मिलकर यहां की खेती को नई दिशा दी है। परिणामस्वरूप किसानों का श्रम कम हुआ है, उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ी है और आय के नए स्रोत विकसित हुए हैं। कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों को उन्नत कृषि यंत्रों पर अनुदान मिल रहा है। इससे न केवल खेती का काम तेज और सरल हुआ है, बल्कि लागत में कमी और मुनाफे में वृद्धि भी सुनिश्चित हुई है। ग्राम पिपलाज के निवासी हनुमान सिंह (पुत्र लक्ष्मी नारायण) इस परिवर्तन के प्रमुख उदाहरण हैं।
उन्होंने कृषि विभाग के माध्यम से स्ट्रॉ रीपर (भूसा बनाने की मशीन) पर अनुदान के लिए आवेदन किया और उन्हें 1 लाख 20 हजार रुपए की सहायता राशि प्राप्त हुई। इसी क्रम में महमदपुर निवासी कृषक कैलाश ने भी स्ट्रॉ रीपर पर अनुदान प्राप्त कर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। वहीं, पिपलाज के कृषक दुर्गालाल को लेजर लेवलर पर मिले अनुदान ने उनकी खेती को और अधिक व्यवस्थित व लाभकारी बना दिया है। इन आधुनिक यंत्रों के उपयोग से खेतों की समतलीकरण बेहतर हुआ है, पानी की बचत हुई एवं फसल उत्पादन में वृद्धि दर्ज की। पिपलाज में इन प्रयासों से “उन्नत खेती - खुशहाल किसान” का सपना साकार होता दिख रहा है। किसान अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर तकनीक आधारित खेती अपना रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर हर किसान अपनी खेती को लाभकारी बना सकता है।