झुंझुनूं के नयासर गांव में मानसून की बारिश ग्रामीणों के लिए एक बार फिर बड़ी आफत लेकर आई है। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी पूरे गांव में सैलाब की तरह फैल गया है। हालात इतने खराब हो चुके है कि गंदा पानी अब लोगों के घरों और दुकानों में घुसने लगा है। मुख्य रास्तों पर पानी इतना भर गया है कि 8 से 10 गांवों का संपर्क टूट गया है। जिससे आम जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है। 'वर्षा जल संग्रहण' कुंड भरा ​गांव में बना 25 फीट गहरा 'वर्षा जल संग्रहण' कुंड पूरी तरह भर चुका है। जो ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह रहा है। ​इसी पानी के ठीक बीचों-बीच बिजली का हाई-वोल्टेज ट्रांसफार्मर, पशु चिकित्सालय, डाकघर, सार्वजनिक शौचालय और एक प्राइवेट स्कूल स्थित है। पानी भरने के कारण यहां हर समय बड़ा हादसा होने और करंट फैलने का भारी खतरा मंडरा रहा है। 8 से 10 गांवों का टूटा संपर्क ​गांव का मुख्य रास्ता पानी में पूरी तरह डूब चुका है, जो करीब 8 से 10 पड़ोसी गांवों को आपस में जोड़ता है। रास्ता बंद होने से राहगीरों और वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। ग्रामीणों के सामने अब पशुओं के लिए चारा लाने और घर का राशन जुटाने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ​गांव के शिक्षक पवन कुमार ने कहा- जलभराव के कारण न तो बच्चे स्कूल जा पा रहे हैं और न ही कोई काम हो पा रहा है। बाजार से सामान लाना भी मुश्किल हो गया है। सरपंच ने अपने स्तर पर कोशिश की, लेकिन ग्राम पंचायत के पास इतना बड़ा बजट नहीं है कि जल निकासी का स्थायी प्रोजेक्ट पूरा कराया जा सके। ​50 लाख की घोषणा कर मुकर गए विधायक ​ग्रामीणों में नेताओं की वादाखिलाफी के भी आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि वर्ष 2025-26 के बजट में इस समस्या के समाधान के लिए 50 लाख रुपए देने की बात कही गई थी। विधायक गांव आए थे और मंच से वादा किया था कि अगर एस्टीमेट 1 करोड़ का भी बनेगा, तो भी पैसे कम नहीं पड़ने दूंगा। लेकिन चुनाव जीतने के बाद विधायक ने दोबारा गांव की तरफ नहीं देखा और न ही आज तक वह राशि मिली। इससे पहले पूर्व सांसद नरेंद्र खींचड़ पर भी वादाखिलाफी का आरोप लगाया। ग्रामीणों में भारी आक्रोश नयासर गांव के लोगों का सब्र अब पूरी तरह टूट चुका है। ग्रामीण समर सिंह ने कहा कि नेता आते है वादे करते है और वोट लेकर चले जाते है। किसी ने भी इस समस्या का समाधान नहीं किया है।