जोधपुर में बकाया पेंशन के भुगतान में हो रही देरी से नाराज जेएनवीयू (जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय) पेंशनर्स ने पेंशन सोसाइटी के बैनर तले केंद्रीय कार्यालय में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान महिला पेंशनर्स ने मोर्चा संभालते हुए आंदोलन की कमान अपने हाथ में ली और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से स्पष्ट कहा कि अब केवल मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित में पेंशन भुगतान की गारंटी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए महिलाओं ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन बकाया पेंशन का भुगतान न करके अन्याय का परिचय दे रहा है, जो हमें किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र भुगतान नहीं किया तो हम अपने साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर निरंतर आंदोलन में भागीदारी करेंगे। कैंसर से पीड़ित विमला बोलीं - इलाज के लिए नहीं है पैसे कैंसर से पीड़ित विमला पुरोहित ने प्रदर्शन में भाग लिया और अपनी दयनीय स्थिति का ज़िक्र करते हुए कहा कि मेरा कैंसर अंतिम स्टेज में पहुंच चुका है, इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। एक-एक दिन बड़े मुश्किल से कट रहा है। सभी महिला पेंशनर्स ने एक स्वर से विश्वविद्यालय प्रशासन की हठधर्मिता और असफलता की घोर निंदा की है। ये रहे मौजूद आज के प्रदर्शन का संयुक्त नेतृत्व प्रो. विनीता परिहार, डॉ. कमलेश माथुर, प्रो. प्रभा भंडारी, प्रो. आई.पी. रॉय, प्रो. बीना त्रिपाठी, प्रो. कीर्ति राजिम वाले, प्रो. जतन कंवर जैन, जगदीश कौर, समिता पूनमिया, नसीम बानो , विमला पुरोहित और सुरेखा टाक आदि ने किया। प्रदर्शन में 250 से अधिक पेंशनर्स ने भाग लिया, जिनमें पूर्व कुलपति प्रोफेसर भंवर सिंह राजपुरोहित, आर.सेंगवा, प्रोफेसर के. एल. रैगर, प्रोफेसर अशोक पुरोहित, प्रोफेसर मांगी लाल बडेरा, प्रोफेसर अवधेश शर्मा, टी.सी. गर्ग, रामदत्त हर्ष, रामावतार आदि उपस्थित रहे। कल भी जारी रहेगा प्रदर्शन अंत में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संयोजक अशोक व्यास और अध्यक्ष प्रोफेसर राम निवास शर्मा ने कहा कि जब तक हमारी पेंशन का भुगतान नहीं हो जाता या विश्वविद्यालय लिखित में बकाया पेंशन भुगतान की तारीख नहीं बताएगा, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कल भी प्रदर्शन जारी रखने की घोषण की है।