जोधपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एडमिट होने वाले 65 प्रतिशत मरीजों का इलाज पीएम आयुष्मान ओर मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना में फ्री किया जा रहा है। इस योजना में शामिल पैकेज की जानकारी महज एक क्लिक पर डॉक्टर को मिल सकेगी। इसके लिए एम्स जोधपुर की टीम की ओर से मोबाइल एप्लिकेशन डवलप किया गया है। एम्स डायरेक्टर जी.डी. पूरी ने इसे लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया- आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) है। इसमें 6 हजार से अधिक पैकेज हैं। यदि इन्हें डाउनलोड किया जाए तो करीब 900 पेज होते हैं। ऐसे में जब कोई नया मरीज हॉस्पिटल में एडमिट होता है तो कई बार डॉक्टर और रेजीडेंट किस पैकेज में इलाज करना है, इसे लेकर उलझन में रहते हैं। ऐसे में मेडिपैकेज नाम का एक एप बनाया गया है। इस एप के जरिए महज एक क्लिक पर उन्हें मरीज के लिए कौनसा इलाज बेहतर रहेगा, उसकी जानकारी मिल सकेगी। खास बात ये है कि इसमें AI फीचर को भी जोड़ा गया है। इसमें मरीज को बीमारी और समस्या टाइप का कारण पर उसके लिए बेहतर पैकेज की जानकारी इस एप के जरिए मिल सकेगी। कैसे करेगा काम सबसे पहले जो मरीज हॉस्पिटल में इलाज के लिए आता है। यदि उसे एडमिट किया जाता है तो उसे वार्ड में एडमिट करने पर प्रत्येक वार्ड के बाहर मौजूद आयुष्मान आरोग्य मित्र उसकी मदद करेंगे। योजना में पात्र होने पर किस बीमारी के लिए कौनसा पैकेज लेना है। इसका सवाल एप में डालते ही एक क्लिक पर जानकारी मिल जाएगी। इससे डॉक्टर और स्टाफ का समय बचने के साथ ही मरीज का इलाज भी जल्द शुरू हो सकें, इसकी सहूलियत रहेगी। इसे डॉक्टर अनुभव गुप्ता की टीम ने तैयार किया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत 25 लाख तक का इलाज और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 5 लाख तक का इलाज इस योजना के तहत नि:शुल्क किया जाता है। साल-दर-साल इस योजना में लाभान्वित मरीजों की संख्या में इजाफा होता गया। राजस्थान में लागू मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना की बात की जाए तो वर्ष 2021 के समय 6 हजार 809 लाभार्थी थे। 2022-23 में 27 हजार 308, 2023-24 में 33 हजार 275, 2024-25 में 40 हजार 420 और 2025-26 में 41 हजार 616 मरीज इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। जबकि PMJAY के तहत अब तक 1154 मरीजों को इसका फायदा मिल चुका है। उन्होंने बताया- एम्स में सालाना करीब 90 हजार से 1 लाख के बीच मरीज एडमिट होते हैं। 6 हजार से अधिक की OPD एम्स हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉक्टर अभिषेक भारद्वाज ने बताया- वर्तमान में एम्स में रोजाना OPD 6500 से 7500 के बीच रहती है। यहां OPD में रोजाना 250 से 300 मरीज एडमिट होते हैं। इन मरीजों में 65 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं, जिनका इलाज इन योजना में मुफ्त किया जाता है। यहां इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए एक काउंटर बनाया गया है। इसमें प्रधानमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के लिए आयुष्मान मित्र, नर्सिंग स्टॉफ मदद करते हैं। इसमें पेशेंट के कार्ड बनने से लेकर उनके कार्ड रिनवल करने की प्रोसेस में मदद की जाती है। इसके बाद एडमिट होने की स्थिति में IPD में प्रत्येक वार्ड के बाहर एक ऑफिस बनाया गया है। इसमें MSSO, नर्सिंग स्टाफ और आयुष्मान आरोग्य मित्र तैनात रहते हैं। ये 24 घंटे रोटेशन के आधार पर ड्यूटी करते हैं। जो भर्ती मरीज की मदद करते हैं। दवाई के लिए भी बनाए काउंटर एम्स में दवाई के लिए OPD में दो जनऔषधि केंद्र बनाए गए हैं। जहां से हॉस्पिटल में आने वाले मरीज दवाई ले सकते हैं। वहीं IPD के लिए जन औषधि केंद्र भी बनाया गया है। आने वाले दो-तीन महीनों में इसकी संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इससे पूर्व एम्स जोधपुर में आयुष्मान पखवाड़े का शुभारंभ पुलिस कमिश्नर शरत कविराज ने किया। इस मौके पर मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अभिषेक भारद्वाज, आयुष्मान नोडल अधिकारी डॉ. अनुभव गुप्ता, सुपरवाइजरी मेडिकल सोशल सर्विस ऑफिसर अतुल कुमार राय, ईसीएचएस प्रतिनिधि ग्रुप कैप्टन राकेश कुमार नंदा, बीएसएफ कमांड हॉस्पिटल प्रतिनिधि सुनील यादव सहित संकाय सदस्य, अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।