जोधपुर में आर्य वीर दल ने जलियांवाला बाग में शहीद हुए लोगों की याद में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इसके तहत शहीद स्मारक पर राष्ट्र रक्षार्थ देवयज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ के बाद दीपक जलाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। पंजाब के अमृतसर में 13 अप्रैल 1919 को हुए जालियावाला बाग हत्याकांड में सैकड़ों लोग शहीद हुए थे। यहां अंग्रेजों की ओर से अचानक गोलीबारी कर दी गई थी। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए राजस्थान आर्य प्रतिनिधि प्रतिनिधि सभा के उप प्रधान नारायण सिंह आर्य ने शहीदों के और उस घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार अंग्रेजों ने भारतीयों के साथ अत्याचार किए थे और निहत्थों को मौत के घाट उतात दिया था। डॉ. लक्ष्मण सिंह आर्य ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम के आने वाली पीढ़ी और बच्चों को इस घटना की जानकारी मिले। जनरल डायर ने कैसे अत्याचार किए गए थे। किस तरह से देश के लोगों ने अत्याचार सहनकर आजादी दिलाई थी। हमारे देश की आजादी की लड़ाई में आर्य समाज का काफी योगदान रहा है। ये रहे मौजूद इस अवसर पर पूर्व विधायक मनीषा पवार, प्रतिपक्ष नेता गणपत सिंह चौहान आर्य वीर जोधपुर के संयोजक शिव प्रकाश सोनी, आर्यवीर दल जोधपुर के अध्यक्ष हरि सिंह आर्य, कोषाध्यक्ष मदन गोपाल आर्य, संरक्षक गजे सिंह भाटी,भंवरलाल आर्य अध्यक्ष आर्य वीर दल राजस्थान, भंवरलाल हटवाल, आर्य समाज पाबूपुरा के प्रधान रोशन लाल आर्य, जोधपुर बॉक्सिंग एसोसिएशन की अध्यक्ष पृथ्वी सिंह भाटी, सचिव पूनम सिंह शेखावत, विनोद गहलोत, उपसंचालक राजेश आर्य, पुनाराम आर्य मोहन आर्य, वीरेंद्र मेहता, द्वारकादास, उमेद सिंह आर्य, आर्य समाज कोर्ट के प्रधान गणपत सिंह आर्य आदि गणमान्य आर्य जनों ने उपस्थित होकर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. लक्ष्मण सिंह आर्य ने किया।