जोधपुर में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस ने एक बड़े फ्रॉड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने महज 12 हजार रुपए के लालच में अपना बैंक खाता किराए पर साइबर ठगों को दे दिया, जिसका इस्तेमाल साइबर ठगों ने चार राज्यों में 30 लाख रुपए की ठगी में किया। जांच में सामने आया कि इस खाते के जरिए करीब 11.42 लाख रुपए की राशि ट्रांजिट कराई गई। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। बासनी थाना पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत कार्रवाई करते हुए एक 'म्यूल अकाउंट' (किराए का खाता) गिरोह का खुलासा किया है। बासनी थाना पुलिस के अनुसार, साइबर अपराध समन्वय पोर्टल (I4C) से प्राप्त संदिग्ध बैंक खातों की सूची के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। इसके तहत पुलिस ने बासनी स्थित आईडीबीआई बैंक की मरुधरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन शाखा के एक संदिग्ध खाते का विश्लेषण किया। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से साइबर फ्रॉड के जरिए लाखों रुपए की राशि ट्रांसफर की गई थी। ठग इस खाते में पैसा आते ही उसे तुरंत एटीएम से निकाल लेते थे। झारखंड से तेलंगाना तक ठगी नेटवर्क, कुल 30 लाख का फ्रॉड पुलिस की टेक्निकल जांच में सामने आया कि झारखंड के जमशेदपुर, केरल, कर्नाटक के मैसूर और तेलंगाना के हैदराबाद निवासी पीड़ितों से कुल 29.91 लाख रुपए की ठगी की गई थी। इन सभी पीड़ितों को टेलिग्राम और व्हाट्सएप के जरिए निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर फंसाया गया था। इस कुल ठगी में से 11.42 लाख रुपए की राशि सीधे इसी संदिग्ध बैंक खाते में ट्रांसफर करवाई गई थी। 12 हजार के कमीशन के लालच में दिया अकाउंट पुलिस ने खाते के आधार पर बासनी फर्स्ट फेज, रामेश्वर नगर निवासी सत्यम श्रीवास्तव (20) पुत्र चुन्नूलाल श्रीवास्तव को पकड़ कर पूछताछ की। इसमें सत्यम ने बताया कि उसने अपने दोस्त शक्ति सिंह के कहने पर यह खाता खुलवाया था। जोधपुर के गंगा विहार, कुड़ी भगतासनी निवासी शक्ति सिंह (20) पुत्र प्रेम सिंह ने सत्यम को 12 हजार रुपए नकद दिए और बदले में उसकी बैंक डायरी, एटीएम और सिम कार्ड लेकर साइबर ठगों के गिरोह को सौंप दिए थे। शक्ति सिंह पुलिस रिमांड पर, मुख्य ठगों की तलाश जारी बासनी थाने में एएसआई भूपेंद्र सिंह की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात, छल, आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने सत्यम और शक्ति सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने साइबर गिरोह के मुख्य सरगनाओं और अन्य फरार सदस्यों के बारे में पता लगाने के लिए आरोपी शक्ति सिंह को रिमांड पर लिया है। अब इस पूरे मामले की अग्रिम जांच बासनी थाने के एसआई श्रवण कुमार कर रहे हैं। कार्रवाई करने वाली टीम में ये रहे शामिल बासनी थानाधिकारी नितिन दवे के नेतृत्व में गठित इस विशेष टीम में एसआई श्रवण कुमार, एएसआई भूपेंद्रसिंह, साइबर सेल प्रभारी हेड कांस्टेबल प्रेम चौधरी, कांस्टेबल डूंगरराम, शंकरलाल, रामदीन, दिनेश नायल और पुनाराम शामिल थे। इस टीम ने 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।