जमीन पर अवैध कब्जे और तारबंदी हटाने को लेकर सगे भतीजों ने एयर फोर्स जवान भागाराम (47) और उनके छोटे भाई ओम प्रकाश (39) पर हमला बोल दिया। दोनों भाइयों को कुल्हाड़ी, सरियों और लाठियों से पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। यह घटना जोधपुर के विवेक विहार थाना क्षेत्र के गुढ़ा विश्नोइयां (मंगल नगर) की है। गंभीर रूप से घायल एयरफोर्स जवान भागाराम को मिलिट्री हॉस्पिटल (MH) में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। इस मामले में पुलिस ने 7 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है। रविवार दोपहर तक किसी की गिरफ्तारी भी नहीं हुई थी। तारबंदी उखाड़ने का वीडियो बनाया तो चढ़ा दी कैंपर गाड़ी ओमप्रकाश (39) पुत्र घेवरराम विश्नोई ने शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे विवेक विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि यह विवाद उनके सगे भाई रामसिंह के बेटों से चल रहा है। 10 जुलाई की सुबह करीब 10:30 बजे आरोपी जेसीबी (JCB) और बजरी से भरा डम्पर लेकर जबरन उनके खेत में घुसे और वहां की गई तारबंदी को उखाड़ने लगे। जब ओमप्रकाश ने इस अवैध कब्जे का अपने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया, तो उनका सगा भतीजा अशोक भड़क गया। अशोक ने जान से मारने की नीयत से अपनी सफेद रंग की कैंपर गाड़ी ओमप्रकाश के पीछे दौड़ा दी और जोरदार टक्कर मारकर उन्हें जमीन पर गिरा दिया। ओमप्रकाश के गिरते ही आरोपी राकेश, मनीष और महेंद्र ने लोहे के पाइप और लाठियों से उनके सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। बीच-बचाव करने आए एयरफोर्स जवान के सिर पर मारी कुल्हाड़ी ओमप्रकाश की चीख-पुकार सुनकर उनकी पत्नी हेमा और बड़े भाई (एयरफोर्स जवान) भागाराम दौड़कर मौके पर पहुंचे। भागाराम ने जब अपने भाई को बचाने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उन पर भी रहम नहीं खाया। आरोपी पिंटू और उनके साथ आई एक महिला ने जान से मारने की नीयत से भागाराम के सिर पर कुल्हाड़ी से सीधा वार कर दिया। इसी बीच महेंद्र ने लाठी और अशोक ने लोहे की रॉड से हमला बोल दिया। सिर पर होने वाले वार को रोकने के लिए जब जवान ने अपना हाथ आगे किया, तो रॉड के भारी प्रहार से उनका हाथ फ्रैक्चर हो गया। आरोपी दोनों भाइयों को मरा हुआ समझकर, उनका मोबाइल लेकर मौके से फरार हो गए। पुलिस पर गंभीर आरोप इस पूरे मामले में पीड़ित परिवार ने विवेक विहार थाना पुलिस की मिलीभगत और ढिलाई पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ओमप्रकाश ने बताया कि हमलावर (भतीजे अशोक व मनीष) आदतन अपराधी प्रवृत्ति के हैं और उनकी ऊंची राजनीतिक जान-पहचान है। इस घटना से पहले भी पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए। अस्पताल में दे रहे धमकी पीड़ित पक्ष का आरोप है कि अब जब जवान अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है, तब उन्हें थाने के भीतर से ही फोन कर धमकाया जा रहा है। आरोपियों के रसूखदार मददगार कह रहे हैं कि राजीनामा कर लो, नहीं तो तुम्हारे खिलाफ महिलाओं से छेड़छाड़ का झूठा मामला दर्ज करवाकर पूरी जिंदगी जेल में सड़वा देंगे। गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेक विहार थाना पुलिस ने आरोपी अशोक, मनीष, पिंटू, महेंद्र और राकेश उर्फ विकास सहित 2 महिलाओं के खिलाफ मारपीट करने, तोड़फोड़ और दंगे करने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच एएसआई (ASI) भरतलाल को सौंपी गई है। घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। पिछले साल भी हुआ था विवाद जांच अधिकारी एएसआई भरत लाल मीणा के मुताबिक, जिस जमीन को लेकर यह खूनी संघर्ष हुआ, उस पर आरोपी पक्ष (अशोक) ने कोर्ट से यथास्थिति (स्टे) ले रखा है। कोर्ट का स्टे होने के बावजूद दूसरा पक्ष (ओमप्रकाश, जिसने थाने में रिपोर्ट दी है) उस जमीन पर गया और उसने वहां खेती करने की कोशिश की। इसी बात को लेकर दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। उनके बीच लाठी-डंडे चले। जानलेवा हमला हो गया। यह जमीन का विवाद नया नहीं है। पिछले साल भी इस जमीन पर दोनों पक्षों के बीच भारी विवाद हुआ था। पुलिस की सफाई- आरोप निराधार पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए राजनीतिक दबाव और रसूखदारों को बचाने के आरोपों पर पुलिस ने सफाई दी है। जांच अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस निष्पक्षता से काम कर रही है। बिना देर किए मुकदमा दर्ज किया ओमप्रकाश की ओर से शनिवार (11 जुलाई) को थाने में लिखित रिपोर्ट दी गई थी। पुलिस ने बिना किसी देरी के रिपोर्ट के आधार पर तुरंत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज होते ही 11 जुलाई को ही घायलों का मेडिकल (MLC) करवाने के लिए अस्पताल में तहरीर भेज दी गई थी। आज (12 जुलाई) पुलिस टीम ने घटना स्थल का मुआयना किया है और सबूत जुटाए हैं। एएसआई ने साफ कहा कि पुलिस पर अपराधियों से मिलीभगत के जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं। पुलिस का किसी भी पक्ष से कोई व्यक्तिगत लेना-देना नहीं है, कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है। ओमप्रकाश को मिली छुट्टी, जवान का इलाज जारी पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात के दिन दोनों भाइयों को अस्पताल ले जाया गया था। इनमें से छोटे भाई ओमप्रकाश को प्राथमिक उपचार के बाद उसी दिन (10 जुलाई) अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। सिर में कुल्हाड़ी की गंभीर चोट और हाथ टूटने के कारण एयरफोर्स के जवान भागाराम का सैन्य अस्पताल (मिलिट्री हॉस्पिटल) में अभी भी इलाज चल रहा है। ----- यह खबर भी पढ़िए… 70 साल की मां को बेटे ने मार डाला:पलंग पर सोई बुजुर्ग पर लाठियों से वार किए; भाई को देख घर से भागा बीकानेर में बेटे ने लाठी से पीट-पीटकर अपनी 70 साल की बुजुर्ग मां को मार डाला। इसके बाद रात को अपनी पत्नी को जगा कर बताया कि मां मर चुकी है। (पूरी खबर पढ़ें) बारात से लौट रहे दो पक्ष भिड़े, 5 घायल; एक जोधपुर रेफर; जमीनी विवाद में चली लाठियां, पत्थर फेंके फलोदी थाना क्षेत्र के लोर्डिया गांव के पास बारात से लौट रहे दो पक्षों में जमीनी विवाद को लेकर झड़प हो गई। इस दौरान तीन केंपर गाड़ियों में सवार होकर आए लोगों ने एक पक्ष पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया और पत्थरबाजी भी की। झगड़े में 5 लोग घायल हो गए। हमलावर मौके से फरार हो गए। (पूरी खबर पढ़ें)