राजस्थान हाईकोर्ट के वकील देवकीनंदन व्यास (देवेश) को केंद्र सरकार की ओर से राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर में केंद्र सरकार के मामलों की पैरवी के लिए सीनियर पैनल काउंसिल नियुक्त किया गया है। राजस्थान उच्च न्यायालय परिसर में आज वकीलों ने उनका अभिनंदन किया। बता दें कि देवकीनंदन व्यास जालोर जिले के मूल निवासी हैं। पिछले लम्बे समय से उच्च न्यायालय जोधपुर में प्रैक्टिस कर रहे हैं। वकीलों ने स्वागत कर कहा- ये हमारे लिए गौरव का विषय राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर में हुए स्वागत समारोह में वकीलों ने कहा कि देवकीनंदन व्यास की नियुक्ति न केवल उनके विधिक अनुभव और कार्यकुशलता का सम्मान है, बल्कि यह राजस्थान उच्च न्यायालय के वकील समुदाय के लिए भी गौरव का विषय है। कार्यक्रम के दौरान वकीलों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वे केंद्र सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी कर न्यायिक क्षेत्र में नई उपलब्धियां स्थापित करेंगे। समारोह में अतिरिक्त महाधिवक्ता नाथूसिंह राठौड़, वकील दिग्विजय सिंह जसोल, केंद्र सरकार के स्टैंडिंग कौंसिल अश्विन राजपुरोहित, विनीत सनाढ्य, राजेश परिहार, विनीत दवे, दीपक बोड़ा, अंकित भास्कर सहित कई वकीलों ने व्यास को गुलदस्ता भेंट कर शुभकामनाएं दीं। ललित शर्मा राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच में “सीनियर पैनल काउंसिल” नियुक्त जयपुर के सीनियर वकील ललित शर्मा को भी राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच में “सीनियर पैनल काउंसिल” के रूप में नियुक्त किया गया है। भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से आज जारी आदेश में उनका नाम प्रमुख रूप से शामिल किया गया है। कई सामाजिक अभियानों में भी निभा रहें भागीदारी ललित शर्मा पिछले कई सालों से जयपुर की सामाजिक, कानूनी और जनसेवा गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। ललित शर्मा रोटरी क्लब सहित कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं और विभिन्न सामाजिक अभियानों में लगातार भागीदारी निभाते रहे हैं। जरूरतमंदों की सहायता, सामाजिक जागरूकता और जनहित के कार्यों में उनकी सक्रियता उन्हें समाज के बीच अलग पहचान दिलाती है। वे लगभग एक दशक तक नगर निगम जयपुर के स्थायी वकील रहे हैं। कई महत्वपूर्ण मामलों में निगम का सफल पक्ष रखा। ललित शर्मा हाईकोर्ट की ओर से गठित हिंगोनिया गोशाला कमेटी के भी सदस्य है। दौसा जिले के हैं रहने वाले दौसा जिले के गिरधरपुरा गांव के मूल निवासी ललित शर्मा की इस उपलब्धि से गांव और आस-पास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ललित शर्मा ने विधि और न्याय व्यवस्था के अध्ययन एवं अनुभव के लिए कई देशों की यात्राएं भी की हैं।