जोधपुर जिले में 25 अप्रैल को आपदा प्रबंधन की तत्परता को परखने और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हवाई हमले की चेतावनी और ब्लैकआउट का मॉक ड्रिल आयोजित किया जाएगा। केंद्र सरकार के निर्देश पर जिला कलेक्टर आलोक रंजन के मार्गदर्शन में होने वाले इस अभ्यास में विभिन्न विभागों की टीमें मिलकर समन्वय और रिस्पॉन्स क्षमता का परीक्षण करेंगी। इस मॉक ड्रिल में नागरिक सुरक्षा, पुलिस, फायर, मेडिकल, पीडब्ल्यूडी, बिजली विभाग सहित अन्य संबंधित एजेंसियां शामिल रहेंगी। इसका मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और त्वरित कार्रवाई की क्षमता को परखना है। तैयारियों को लेकर मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में एडीसी (द्वितीय) सुरेंद्र सिंह पुरोहित की अध्यक्षता में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपखंड अधिकारी (उत्तर) प्रीतम कुमार, जिला रसद अधिकारी अंजुम ताहिर सम्मा, उपखंड अधिकारी (दक्षिण) पंकज जैन, एयर फोर्स स्टेशन जोधपुर के एयर ऑफिसर कमांडिंग, आर्मी के कमांडिंग ऑफिसर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मॉक ड्रिल की एसओपी पर विस्तार से चर्चा बैठक के दौरान मॉक ड्रिल की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) पर विस्तार से चर्चा की गई। खास तौर पर आपदा के समय सही और तेज सूचना प्रसार, सायरन के प्रभावी दायरे, ब्लैकआउट के दौरान जन-जागरूकता बढ़ाने और संचार प्रणाली के रिस्पॉन्स टाइम को तेज करने जैसे अहम बिंदुओं पर मंथन किया गया, ताकि वास्तविक परिस्थितियों में प्रभावी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट के दौरान किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक घबराहट से बचें। नागरिकों से यह भी कहा गया है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और इस महत्वपूर्ण अभ्यास को सफल बनाने में सहयोग दें।