जोधपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत एक ही दिन में तीन अलग-अलग म्यूल नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज किए हैं। इन मामलों में एक ही पैटर्न सामने आया है, जहां शातिर ठगों ने किसी परिचित या चाय की थड़ी पर मिले युवाओं को 5 से 10 हजार रुपये के कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम, सिम और डायरी किराए पर ली। इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल कर देश के 8 राज्यों के पीड़ितों से ठगी गई 9 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को ठिकाने लगाया गया, जिसमें से करीब 72 लाख रुपये सीधे जोधपुर के इन खातों से इधर-उधर ट्रांसफर किए गए। डीसीपी (ईस्ट) मनीष कुमार चौधरी के निर्देश पर माता का थान और उदयमंदिर थाना पुलिस को कई संदिग्ध म्यूल खातों की सूची सौंपी गई थी। इन खातों की जांच में सामने आया कि राष्ट्रीय साइबर पोर्टल और 'समन्वय' पोर्टल पर इनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हैं। साथ ही, इन खातों में हुआ लेन-देन खाताधारकों की घोषित वार्षिक आय से कहीं अधिक पाया गया है। जोधपुर में ठगी के लिए किराए पर लिए खाते केस 1- 66 लाख का लेन-देन और 11 राज्यों के पीड़ित उदयमंदिर थानाधिकारी सीताराम की जांच में सबसे बड़े म्यूल नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जोधपुर के नंदनवन (राजीव गांधी कॉलोनी, पाल लिंक रोड) निवासी हिम्मत सिंह चौहान (22) पुत्र चैन सिंह चौहान के इंडियन ओवरसीज बैंक खाते में मात्र 3 महीने में कुल 66 लाख 939 रुपए का लेन-देन पाया गया। पूछताछ में हिम्मत सिंह ने बताया कि संगीता चौधरी उर्फ सावी चौधरी ने उसे मजदूरी का लालच देकर सुभाष के साथ मिलकर खाता खुलवाया था। हिम्मत सिंह को खींवसर के पास एक गांव में मेडिकल की आड़ में चल रहे साइबर फ्रॉड के अड्डे पर भी ले जाया गया था। 11 लोगों से ठगी कर रुपए किए थे ट्रांसफर हिम्मत सिंह के खाते से देशभर के 11 पीड़ितों की शिकायत जुड़ी थी। इस खाते में पश्चिम बंगाल के अरुण कुमार गरई से हुई 1 करोड़ 1 लाख 5 हजार रुपए की ठगी में से 5 लाख 1 रुपए और महाराष्ट्र के अशोक कृष्णा सराफ से हुई 81 लाख रुपए की ठगी में से कुल 35 लाख रुपए क्रेडिट हुए। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर की कुसुम लता सप्रू से हुई 35 लाख रुपए की ठगी के 6 लाख 50 हजार रुपए, गुजरात की सरिता बेन शर्मा से हुई 20 लाख 20 हजार 258 रुपए की ठगी के 5 लाख 1 रुपए और तमिलनाडु के उस्मान सेठ से हुई 1 करोड़ 57 लाख 20 हजार रुपए की ठगी में से 5 लाख रुपए इसी खाते में आए। मामले की जांच महामंदिर थानाधिकारी श्रीमती नवनीत कौर आरपीएस को सौंपी गई है। केस 2- दो खाते में पांच राज्यों में ठगी कर रुपए किए थे ट्रांसफर माता का थान थाने के उपनिरीक्षक हरखाराम की जांच में यूको बैंक (नृसिंग प्याऊ) के दो संदिग्ध खाते सामने आए। पहला खाता जोधपुर के मंदिर वाला बास (भदवासिया) निवासी प्रशांत (20) पुत्र सुरजमल का था। इस खाते में तमिलनाडु के सलेम निवासी बाबू टी से हुई 6 लाख 46 हजार 505 रुपए की ठगी में से 30 हजार रुपए, केरल के मोहम्मद मनोज से हुई 10 लाख 48 हजार 339 रुपए की ठगी में से 1 लाख रुपए, कोलकाता के सौरभ पात्रा से हुई 50 हजार रुपए की ठगी में से 10 हजार रुपए और गुजरात के भुवन भाई सुथार से हुई 1 लाख 91 हजार 982 रुपये की ठगी में से 10 हजार रुपए जमा पाए गए। चाय की थड़ी पर मिला था ठग दूसरा खाता जोधपुर के बांकिया बेरा निवासी मोनू बंजारा (31) पुत्र भवरलाल बंजारा का था, जिसमें बिहार की रुचि कुमारी से हुई 1 लाख रुपए की ठगी में से 30 हजार रुपए जमा मिले। पूछताछ में बताया कि उन्होंने अपने बैंक खाते और पुरानी सिम प्याऊ की चाय की थड़ी पर मिले अमर नगर निवासी कुलदीप पटेल को किराए पर दी थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। केस 3- 47 लाख की ठगी का जोधपुर कनेक्शन एसआई मांगीलाल की जांच में बैंक ऑफ बड़ौदा (भदवासिया शाखा) का एक संदिग्ध खाता सामने आया। खाताधारक जोधपुर की मदेरणा कॉलोनी (कालका माता मंदिर के पास) निवासी लक्ष्मण सिंह (23) पुत्र ओम सिंह के खाते पर दो बड़ी साइबर शिकायत दर्ज थी। लक्ष्मण सिंह ने बताया कि 8-9 महीने पहले चाय की थड़ी पर मिले अभिमन्यु उर्फ पप्सा ने उससे 5 हजार रुपए कमीशन लेकर खाता, एटीएम और सिम ले ली थी। तमिलनाडु के विल्लुपुरम की पीड़ित आयशा बानो के साथ हुई कुल 47 लाख 87 हजार 351 रुपये की ठगी में से 65 हजार रुपये और गुजरात के गिर सोमनाथ के पीड़ित कसब मुक्ति मकसदु के साथ हुई 60 हजार 800 रुपये की ठगी में से 42 हजार 376 रुपये पाए गए।