जोधपुर के गांधीपुरा स्थित एक राशन की दुकान के संचालक के खिलाफ गेहूं वितरण में धांधली करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत महामंदिर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। जिला रसद कार्यालय जोधपुर के प्रवर्तन निरीक्षक राजकरण बारहठ ने जिला रसद अधिकारी के अभियोजन आदेश पर गांधीपुरा वार्ड 60 उत्तर स्थित उपभोक्ता सहकारी भंडार के संचालक गोपाल सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। बतादें कि 2022 में गांधीपुरा क्षेत्र के राशन कार्डधारकों को चार महीने से गेहूं नहीं मिलने की शिकायत सामने आई थी। इस पर तत्कालीन प्रवर्तन अधिकारी नीलकमल माथुर ने मामले की जांच की। इस जांच रिपोर्ट में गेहूं बांटने में गंभीर लापरवाही और अनियमितताएं उजागर हुई थीं। लाइसेंस सस्पेंड करने के बाद हुई रद्द की कार्रवाई प्रवर्तन अधिकारी की रिपोर्ट में उपभोक्ता सहकारी भंडार (पोस कोड 20019) के खिलाफ राजस्थान खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक पदार्थ (वितरण का नियमन) के नियमों का उल्लंघन पाया गया। इस पर जिला रसद अधिकारी कार्यालय ने विभागीय प्रकरण दर्ज कर 29 मार्च 2022 को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसी दिन एक आदेश जारी करते हुए उचित मूल्य दुकानदार का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया था। 6.95 लाख की वसूली नहीं भरने पर कानूनी शिकंजा विभागीय जांच के बाद 12 जून 2025 को मामले में अंतिम निर्णय लिया गया, जिसमें उस दुकान का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया गया। विभागीय आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि गेहूं के कम वितरण और खाद्यान्न सामग्री के दुरुपयोग के कारण कुल 6 लाख 95 हजार 466 रुपए की वसूली योग्य राशि राजकोष में जमा कराई जाए। जिला रसद कार्यालय ने 21 जुलाई 2025 को दुकानदार को वसूली नोटिस जारी किया, लेकिन उसने यह राशि जमा नहीं करवाई। अब पुलिस करेगी मामले की जांच बार-बार नोटिस के बावजूद राशि जमा नहीं होने पर जिला रसद अधिकारी (प्रथम) जोधपुर ने 13 फरवरी को आरोपी डीलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश जारी किए। इसी आदेश की पालना में मंगलवार को महामंदिर थाने में रिपोर्ट दी गई। इस संबंध में दर्ज एफआईआर की जांच एसआई लादूसिंह को सौंपी गई है।