जोधपुर आरटीओ (RTO) कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। धमकी भरा यह ईमेल सुबह 7 बजे ही आ गया था, लेकिन सर्वर डाउन होने की वजह से अधिकारियों ने इसे शाम को देखा। इसके बाद आनन-फानन में पूरे कार्यालय को खाली करवाकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। दरअसल, बीजेएस कॉलोनी स्थित आरटीओ कार्यालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर यह धमकी भेजी गई थी घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुबह 7 बजे आए ईमेल को शाम साढ़े 5 बजे देखा गया। यानी अगर यह धमकी सच होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि, अधिकारी इसके पीछे सर्वर डाउन होने का तर्क दे रहे हैं। महामंदिर थानाधिकारी देवेंद्र देवड़ा ने बताया- शाम को आरटीओ कार्यालय से इस संबंध में सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस और क्यूआरटी (QRT) टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे परिसर की बारीकी से तलाशी ली। तलाशी के दौरान परिसर में कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है। पुलिस अब ईमेल भेजने वाले का पता लगाने में जुट गई है। कर्मचारियों को बाहर निकाला, चलाया सर्च ऑपरेशन आरटीओ अधिकारी ने बताया- जैसे ही शाम को सर्वर सही होने के बाद मेल मिला तो अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद सभी पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। मेल में धर्म विशेष के अपमान को लेकर जिक्र किया था। साथ ही लिखा था- आरटीओ ऑफिस में सायनाइड वाले 5 जहरीले गैस धमाके होंगे। इसके बाद आरटीओ ऑफिस को खाली करवाया गया और कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। मौके पर महामंदिर थाना पुलिस समेत डॉग स्क्वायड की टीम भी मौके पर पहुंची और आरटीओ ऑफिस के सभी कमरों को खंगाला। करीब डेढ़ घंटे चले इस सर्च में कुछ नहीं मिला। मेल में धार्मिक अपमान का जिक्र प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि धमकी भरे मेल में खुद को एक कथित इस्लामिक संगठन से जुड़ा बताया गया है। मेल में धर्म विशेष के अपमान का बदला लेने की बात लिखी गई है। फिलहाल पुलिस इस दावे की सत्यता की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां ई-मेल की तकनीकी पड़ताल कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मेल किस आईपी एड्रेस और किस सर्वर से भेजा गया।