जोधपुर के एक निजी स्कूल में 19 साल की महिला टीचर से छेड़छाड़ और अभद्रता का मामला सामने आया है। पीड़िता ने थाने में दी शिकायत में बताया कि वह स्कूल में बच्चों को पढ़ाने जाती है। 20 जुलाई को छुट्टी होने के बाद जब सभी बच्चे और टीचर चले गए तो प्रिंसिपल ने उसे जबरन रोक लिया। घटना के अगले दिन पीड़िता जब स्कूल नहीं गई, तब परिजनों ने पूछा तो मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद बुधवार सुबह परिजन पहले पुलिस चौकी और बाद में पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने प्रिंसिपल के खिलाफ रिपोर्ट दी। वहीं थाने में पीड़िता की ओर से शिकायत दिए जाने के बाद आक्रोशित परिजन स्कूल पहुंचे और प्रिंसिपल का मुंह काला कर दिया। इस दौरान कई लड़कों ने प्रिंसिपल की पिटाई भी कर डाली। बाद में प्रिंसिपल को पुलिस थाने ले आई। छुट्टी होने के बाद प्रिंसिपल ने रोक था पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया- 20 जुलाई को स्कूल में बच्चों को मैं पढ़ाने के लिए गई थी। स्कूल की छुट्टी होने के बाद प्रिंसिपल ने मुझे रोक लिया। इस दौरान बाकी सारे स्टाफ स्कूल से चले गए थे। प्रिंसिपल ने इंटरव्यू लेने के नाम पर अपने कमरे में बुलाया और स्कूल के कैमरे भी बंद कर दिए। बाद में उसने गलत काम करने का दबाव डाला। किसी तरीके से वहां से बचकर मैं अपने घर पहुंची। पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया- प्रिंसिपल ने एडवांस सैलरी देने की कहकर फिजिकल रिलेशन का दबाव डाला। उसने कहा कि वह मुझसे दोस्ती करना चाहता है। तेरे साथ फ्रीडम चाहिए। तू मेरे साथ रहेगी तो तेरा फ्यूचर बना दूंगा। तेरी पढ़ाई में भी मदद करूंगा और तू जो कहेगी, वह क्लास पढ़ाने के लिए दूंगा। पहले दिन ही गई थी पढ़ाने पीड़िता पहले दिन ही स्कूल में पढ़ाने के लिए गई थी। उसने यहीं से कक्षा 10 की पढ़ाई की थी। बच्चों की छुट्टी होने के बाद इंटरव्यू देने के नाम पर रोक दिया। भाई को घर भेज दिया पीड़िता का छोटा भाई भी उसी स्कूल में पढ़ता है। जब भाई अपनी बहन को बुलाने आया तो आरोपी प्रिंसिपल ने उसे घर भेज दिया और कहा कि वह 2 घंटे बाद आएगी। इसके बाद आरोपी ने युवती को एक कमरे में ले जाकर बंद कर दिया और उसका हाथ पकड़कर जबरदस्ती बैठा दिया। इसके बाद जबरदस्ती करने की कोशिश की। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसने जैसे-तैसे उसके चंगुल से छूटकर अपनी जान बचाई।