जोधपुर में विवाहिता की मौत के बाद आज परिजनों और समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। विवाहिता का भाई तपती धूप में नंगे पैर पहुंचा। उनका कहना था कि उनकी बहन की 15 अप्रैल को अहमदाबाद में ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। भाई ने कहा कि बहन का पति अहमदाबाद पुलिस में है। बहन के पति समेत जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया था, उनके भी नाम हटवा दिए गए। अब कलेक्टर आलोक रंजन को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। जब तक उनकी बहन को न्याय नहीं मिल जाता तब तक वह पैर में चप्पल-जूते नहीं पहनेंगे। रिपोर्ट से दोषियों के नाम हटाने का आरोप जोधपुर के पाल निवासी भाई नत्थूसिंह ने बताया कि उनकी बहन गीता कंवर की शिवतलाव (पाली) निवासी वर्तमान में अहमदाबाद में रहने वाले अर्जुन सिंह के साथ शादी हुई थी। वो अहमदाबाद पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल है। बहन 15 अप्रैल को ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मामले में अहमदाबाद की वासना थाना पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ में मुकदमे को दर्ज किया था। इस पूरे मामले में जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया था, उनके भी नाम हटवा दिए गए। भाई बोला- बहन का पति पुलिस में, जांच प्रभावित कर रहा भाई नत्थूसिंह ने बताया कि fIR दर्ज होने के बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। हमारी तरफ से जो सबूत दिए गए हैं, उन्हें भी पुलिस कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बहन का पति खुद अहमदाबाद पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल है, जो जांच को प्रभावित कर रहा है। उन्हें पुलिस ने सस्पेंड भी नहीं किया है।