भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं झुंझुनूं जिले के महात्मा गांधी नरेगा योजना (विकसित भारत-जी राम जी) में कार्यरत कनिष्ठ तकनीकी सहायक (जेटीए) अनिश्चितकालीन हड़ताल से योजना से जुड़े कामों की रफ्तार पर ब्रेक लगने लगा है। मजदूरों को समय पर मजदूरी का भुगतान समेत अन्य काम अटक गए है। दरअसल विभिन्न मांगों को लेकर कनिष्ठ तकनीकी सहायक 16 अप्रैल से सामूहिक अवकाश पर रहकर आंदोलन कर रहे है। इस कारण मनरेगा से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे है। मजदूरों के काम का मेजरमेंट कर उनकी मजदूरी का मूल्यांकन मस्टररोल के अनुसार चढ़ाने, नए कार्यों की पहचान कर उसे शुरू कराने, भीषण गर्मी के मौसम में कार्यस्थलों पर छाया, पानी और दवाइयों की व्यवस्था कराने समेत मनरेगा योजना को बेहतर तरीके से लागू करने का काम जेटीए करते है। मनरेगा मजदूर का भुगतान 8 दिन में करने जैसे काम समय पर नहीं हो रहे हैं। कनिष्ठ तकनीकी सहायकों के हड़ताल पर चले जाने से ये काम हो रहे प्रभावित : पौधारोपण की स्वीकृतियां जारी नहीं हो पाएगी। पोर्टल पर मनरेगा योजना 2026- 27 का प्लान ऑनलाइन नहीं हो पाएगा जिससे ग्राम पंचायत में मनरेगा श्रमिकों को कार्य नियोजन के लिए नए कार्य स्वीकृत नहीं हो पाएंगे। मनरेगा श्रमिकों को गाइडलाइन टी+8 के अनुसार समय पर भुगतान नहीं हो पाएगा। कार्य स्थल पर मनरेगा श्रमिकों के लिए भीषण गर्मी को देखते हुए छाया पानी दवाई आदि की व्यवस्था करवाना आदि कार्य कनिष्ठ तकनीकी सहायकों के द्वारा करवाए जाते हैं। ^विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन चल रहा है। मांगों को लेकर जिला परिषद सीईओ, कलेक्टर को ज्ञापन दिए जा चुके है। एक मई को जयपुर में जाकर सामूहिक इस्तीफे सौंपे जाएंगे। - विकास महला, जिलाध्यक्ष वीबी जीरामजी, तकनीकी कार्मिक संघ सामूहिक अवकाश पर रहने से वीबी जीरामजी (मनरेगा) योजना प्रभावित होने पर प्रशासन ने अब सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है। बीडीओ ने जेटीए को कारण बताओ नोटिस जारी किए है। जिसमें बताया कि सामूहिक अवकाश के चलते योजना की पुस्तिका ऑनलाइन करने, मस्टरोल जमा नहीं होने, भुगतान में देरी समेत कारण पूछे गए है। लगातार हड़ताल को देखते हुए अब प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए सहायक अभियंता को जेटीए के काम करने को कहा है।