जालोर में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को विभिन्न स्कूलों में साइबर सुरक्षा जागरूकता शिविर लगाए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत न्यायिक अधिकारियों ने स्टूडेंट्स को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, ओटीपी और सोशल मीडिया सावधानी की जानकारी दी। शिविरों में साइबर बुलिंग और हेल्पलाइन नंबरों पर भी जानकारी साझा की गई। सांकरणा स्कूल में इंटरनेट उपयोग पर दी सलाह राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल सांकरणा में प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश अहसान अहमद ने स्टूडेंट्स को इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के उपयोग में सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि इंटरनेट पर किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सोचें, क्योंकि हर गतिविधि का रिकॉर्ड रहता है। साथ ही ट्रांसफोरमेटिव ट्यूजडे अभियान की जानकारी भी दी। सोशल मीडिया और ओटीपी को लेकर चेतावनी नारणावास के स्कूल में एसीजेएम अंकित दवे ने मोबाइल और सोशल मीडिया के जोखिमों के बारे में बताया। उन्होंने स्टूडेंट्स को अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करने और किसी भी स्थिति में ओटीपी साझा नहीं करने की सलाह दी। साइबर बुलिंग और फर्जी अकाउंट पर चर्चा देवकी गांव के स्कूल में किशोर न्याय बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार ने साइबर बुलिंग, फर्जी अकाउंट, पहचान की चोरी और निजी फोटो के दुरुपयोग जैसे मामलों पर विस्तार से जानकारी दी। हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी शिविर के दौरान स्टूडेंट्स को आपात स्थिति में मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी बताए गए। इनमें चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस सहायता 112 और साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं।