मैं बोन कैंसर का मरीज हूं। यहां प्रशासन ढीला है। कोई खबर नहीं ले रहा है। चाहे कितना ही परेशान हो। अलवर के काला कुआं सैटेलाइट अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने गए बुजुर्ग का काफी देर तक इलाज नहीं मिला तो उसका एक वीडियो सामने आया था। उसके बाद काला अस्पताल के हालत जानने पहुंचे तो वहां मरीजों की काफी भीड़ मिली। लंबी लाइन में लगे-लगे बुजुर्ग मरीज थक जाते हैं। इमरजेंसी में डॉक्टर के नहीं देखने की परेशानी सामने आई। सुबह 9 बजे मरीज लाइन में लगे गए थे। लाइन में लगे मरीज बोले सबसे पहले एक बुजुर्ग कैंसर मरीज मनोज कुमार का वीडियो सामने आया था। जिसने कहा था कि यहां कोई व्यवस्था नहीं है। उसके बाद सैटेलाइट अस्पताल पहुंचे तो वहां 25 साल के युवक देवेंद्र ने कहा कि आधा घंटा से खड़ा हूं। सास को दिखाने के लिए नौगांवा से आया हूं। सास की जांच रिपोर्ट दिखानी थी। अब डॉक्टर ही 11 बजे आया है। हम सुबह नौ बजे से लाइन में लगे हैं। अलवर शहर की महिला मीना ने कहा कि बेटे राज के पेट में दर्द हैं। लगातार दर्द हो रहा है। इमरजेंसी में कोई नहीं है। काफी देर से लाइन में लगे हैं। बारी आने तक इंतजार करना होगा। इमरजेंसी में कोई देख नहीं रहा है। अलवर शहर की बुजुर्ग महिला रेशमा ने कहा कि अखैपुरा मोहल्ले से आई हूं। मेरे हाथ पैर टूटे जा रहे हैं। डॉक्टर को दिखाना है। लाइन में लगे-लगे थक गई। इसलिए बैठी हूं। जब बारी आएगी तब दिखा लूंगी। इस मामले में काला कुआं सैटेलाइट अस्पताल पीएमओ का कहना है कि अस्पताल में सुबह के समय मरीज अधिक आते हैं। बाकी व्यवस्थाएं अच्छी हैं। इमरजेंसी में आने वालों को अलग से देखा जाता है। कैंसर पीड़ित मरीज उस दिन आया था जिस दिन अस्पताल में गार्ड व अन्य कर्मचारियों से मरीज के परिजनों ने मारपीट की थी। तब थोड़ी परेशानी हो गई होगी।