करौली में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार किया। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों पर तालाबंदी कर उपखंड अधिकारी (एसडीएम) कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मानदेय बढ़ाने, सेवाओं को स्थायी करने और अतिरिक्त कार्यों से राहत देने की मांग की गई है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं एसडीएम कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी बाद में एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। मांगों पर जल्द ​फैसला लेने की मांग प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वर्तमान में उन्हें लगभग 10 हजार रुपए का मानदेय मिलता है, जो बढ़ती महंगाई में परिवार का खर्च चलाने के लिए अपर्याप्त है। उन्होंने मानदेय बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की। इसके साथ ही, समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और आंगनवाड़ी कार्यों के अतिरिक्त अन्य विभागीय कार्यों का दबाव नहीं बनाने की भी अपील की गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे वर्षों से पूरी जिम्मेदारी के साथ सेवाएं दे रही हैं, लेकिन उन्हें न तो सम्मानजनक मानदेय मिल रहा है और न ही स्थायी कर्मचारी का दर्जा। उन्होंने राज्य सरकार से अपनी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम प्रीति मीणा को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान रीना मीणा, संजू, उर्मिला शर्मा, गीता देवी, ओमवती मीणा, बृजेशी मीणा, राधा मीणा, अर्चना मीणा, मिथिलेश शर्मा, आशा शर्मा, गुड्डी मीणा सहित कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं मौजूद रही।