करौली में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीनेशन अभियान को प्रभावी बनाने के लिए चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया है। उन्होंने चिकित्साकर्मियों को निर्देश दिए कि वे स्कूलों में जाकर 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं और उनके अभिभावकों को इस टीके के महत्व के बारे में जागरूक करें। जिला स्वास्थ्य समिति की यह बैठक शुक्रवार को आयोजित हुई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। कलेक्टर गोदारा ने एचपीवी वैक्सीनेशन को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए चिकित्साकर्मियों को अभिभावकों से सीधे संवाद करने और शिक्षा विभाग के सहयोग से स्कूल स्तर पर जागरूकता गतिविधियां चलाने के निर्देश दिए। बैठक में 'मां योजना' के तहत चिकित्सा संस्थानों में अधिक से अधिक क्लेम बुक करने पर भी बल दिया गया। इसका उद्देश्य प्राप्त राशि का उपयोग अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुधार में करना है। इसके अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने भूमि संबंधी लंबित प्रकरणों की जानकारी ली और उनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सतीश चंद मीणा ने एक पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने अधिकारियों को लिंगानुपात, संपूर्ण टीकाकरण, लाडो योजना, एनक्वास और जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) में सुधार की स्थिति से अवगत कराया। इस बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर हेमराज परिडवाल, जिला परिषद सीईओ लखन सिंह, सीडीईओ सर्विस गुप्ता, जिला कार्यक्रम प्रबंधक आशुतोष पांडे, डीटीओ धर्मेंद्र कुमार सहित विभिन्न पीएमओ, बीसीएमओ और चिकित्सा अधिकारी प्रभारी उपस्थित रहे।