करौली में राष्ट्रीय राजमार्ग-23 (NH-23) के करौली बाईपास के नए सर्वे का स्थानीय लोगों ने विरोध किया है। मंडरायल रोड क्षेत्र की कई कॉलोनियों के लोगों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सर्वे को आबादी क्षेत्र से हटाकर करीब 200 मीटर दक्षिण दिशा में खाली सरकारी भूमि से निकालने की मांग की है। लोगों का कहना है कि वर्तमान सर्वे से सैकड़ों मकान, भूखंड, मंदिर और एक स्कूल प्रभावित होंगे। उन्होंने बताया कि नया सर्वे श्याम नगर, आदित्य नगर, मां वैष्णो नगर, लक्ष्मण विहार, कृष्णा कॉलोनी, गौतम बुद्ध नगर, सहारियान का पुरा और दुर्गसी घाटा सहित कई घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर निकाला गया है। इससे करीब 150 से 200 पक्के मकानों के टूटने और हजारों बीघा खातेदारी भूमि प्रभावित होने की आशंका है। ज्ञापन में गौतम बुद्ध विहार, हनुमान मंदिर, शिव मंदिर, देवनारायण मंदिर और एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय के भी प्रभावित होने का उल्लेख है। प्रभावित लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ भूमाफियाओं और कॉलोनाइजरों के प्रभाव में सर्वे को आबादी क्षेत्र की ओर मोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 और 2013 के मास्टर प्लान में बाईपास का मार्ग दक्षिण दिशा की खाली सरकारी भूमि से प्रस्तावित था। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सर्वे को पुराने प्रस्तावित मार्ग के अनुसार सरकारी भूमि से निकाला जाए, ताकि गरीब परिवारों के मकान और धार्मिक स्थल सुरक्षित रह सकें। प्रभावित लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।