करौली में पांचना बांध विवाद के बाद सोशल मीडिया पर भड़काऊ और जातीय टिप्पणियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। अब तक 146 फेसबुक अकाउंट बंद कराए जा चुके हैं, तीन एफआईआर दर्ज हुई हैं और 24 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने सभी आरोपियों को 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पोस्टों पर पुलिस का शिकंजा एसपी लोकेश सोनवाल ने बताया कि पांचना बांध विवाद के बाद सोशल मीडिया पर दो पक्षों की ओर से लगातार भड़काऊ, जातीय और अभद्र टिप्पणियां की जा रही थीं। इन पोस्टों से सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एक मुकदमा दर्ज किया। इसके अलावा दोनों पक्षों की ओर से भी अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई गई हैं, जिनमें कुछ राजनीतिक समर्थकों की शिकायतें भी शामिल हैं। 24 नामजद आरोपी, गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम पुलिस ने मामले की जांच के लिए साइबर थाना, साइबर विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम गठित की है। टीम तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई कर रही है। अब तक 24 लोगों को नामजद किया जा चुका है। एसपी ने सभी आरोपियों को 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। 146 फेसबुक अकाउंट बंद, दूसरे जिलों तक जांच एसपी के अनुसार, अब तक सोशल मीडिया पर सक्रिय 146 फेसबुक अकाउंट बंद कराए जा चुके हैं। जांच का दायरा करौली से बाहर भी बढ़ाया गया है। टोंक, भीलवाड़ा और अजमेर सहित अन्य जिलों से वायरल हुए वीडियो और पोस्ट भी खंगाले जा रहे हैं। यदि जांच में ये सामग्री आपराधिक श्रेणी में पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 भी लगाई गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी समुदाय, व्यक्ति या समूह के खिलाफ नफरत फैलाने, अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने या हिंसा को बढ़ावा देने वाली सामग्री पोस्ट करना गंभीर अपराध है। आमजन से भी सहयोग की अपील पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि सोशल मीडिया पर भड़काऊ, जातीय या हेट स्पीच से जुड़ी कोई पोस्ट दिखाई दे तो उसकी सूचना साइबर थाना, पुलिस कंट्रोल रूम या ऑनलाइन माध्यम से दें। साथ ही, ऐसे कंटेंट पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा से भी कार्रवाई का आग्रह किया जाएगा।