करौली पुलिस ने 'ऑपरेशन एंटी वायरस 2.0' अभियान के तहत साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। जांच में सामने आया कि आरोपी पुलिस अधीक्षक के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाते थे। वे लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर व्हाट्सएप के जरिए संपर्क करते थे। एक पीड़ित को आरोपी ने सीआरपीएफ अधिकारी बताकर घरेलू सामान बेचने का झांसा दिया और विभिन्न क्यूआर कोड के माध्यम से 46,999 रुपए ठग लिए। तकनीकी साक्ष्यों और साइबर जांच के आधार पर पुलिस ने गिरोह के सदस्यों की पहचान की। इनमें अलवर जिले के डावरी थाना नौगांव निवासी फैजल पुत्र अरशद और तौफिक खान उर्फ धौनी पुत्र फकरुद्दीन, रामगढ़ कोटा थाना रामगढ़ निवासी नसीम पुत्र हाकम, तथा नूंह हरियाणा के पटकपुरा निवासी दिलसाद उर्फ दिल्ला और साहिद उर्फ पोला शामिल हैं। पुलिस टीम ने मेवात क्षेत्र में विशेष रणनीति अपनाई। टीम के सदस्यों ने खरीदार और कबाड़ी बनकर कई दिनों तक इलाके में रहकर जानकारी जुटाई। मुखबिर की सूचना पर तौफिक खान उर्फ धौनी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह संगठित रूप से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर लोगों को निशाना बनाता था। वे विभिन्न यूपीआई आईडी और मोबाइल नंबरों का उपयोग कर ठगी करते थे। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और बैंक खातों तथा डिजिटल लेनदेन की जांच में जुटी है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रोफाइल पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी भी प्रकार का ऑनलाइन भुगतान करने से पहले पूरी जांच अवश्य करें। संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने को दें।