करौली जिले के सरकारी स्कूलों में अब विज्ञान और गणित की पढ़ाई गतिविधि आधारित होगी। विद्यार्थियों को प्रयोगों के माध्यम से सिखाने के लिए सभी राजकीय विद्यालयों में 'खोजी बॉक्स (लर्निंग बाय डूइंग किट)' उपलब्ध कराए गए हैं। इन किटों का उद्देश्य कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों में वैज्ञानिक सोच, तार्किक क्षमता, नवाचार और समस्या समाधान कौशल विकसित करना है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार गुप्ता ने बताया कि ये किट भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गांधीनगर, गुजरात द्वारा एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित) आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। प्रदेशभर के चयनित स्कूलों में कुल 37,581 खोजी बॉक्स वितरित किए जा रहे हैं। जिले में कुल 762 किटों का वितरण हुआ करौली जिले में कक्षा 6 से 8 तक संचालित 712 राजकीय विद्यालयों को एक-एक खोजी बॉक्स मिला है। इसके अलावा 14 पीएम श्री विद्यालयों को तीन-तीन अतिरिक्त बॉक्स दिए गए हैं, जिससे अधिक छात्र एक साथ गतिविधियों में भाग ले सकें। कक्षा 6 से 8 तक के 2 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) को भी दो-दो खोजी बॉक्स प्रदान किए गए हैं। जिले में कुल 762 किटों का वितरण संबंधित ब्लॉकों में पूरा हो चुका है। स्टूडेंट्स खुद प्रयोग करके बेहतर ढंग से समझ पाएंगे इन खोजी बॉक्सों में गणित और विज्ञान विषयों से संबंधित शैक्षणिक उपकरण, मॉडल, प्रयोग सामग्री और गतिविधि आधारित संसाधन शामिल हैं। इनके उपयोग से विद्यार्थी केवल अवधारणाओं को पढ़ेंगे नहीं, बल्कि स्वयं प्रयोग करके उन्हें बेहतर ढंग से समझ पाएंगे। इससे कक्षा में उनकी सक्रिय भागीदारी और सीखने में रुचि बढ़ेगी। शिक्षकों को जल्द दिया जाएगा प्रशिक्षण मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ने यह भी बताया कि कक्षा 6 से 8 के गणित एवं विज्ञान शिक्षकों को जल्द ही एसटीईएम आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप अनुभवात्मक एवं गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा देगी, जिससे विद्यार्थी भविष्य की तकनीकी और प्रतिस्पर्धी चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकेंगे।