करौली में राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) ने ग्रीष्मावकाश सहित अन्य अवकाशों में कटौती के विरोध में प्रदर्शन किया। शनिवार को जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) कार्यालय के बाहर सद्बुद्धि यज्ञ आयोजित किया गया। शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री से अवकाश कटौती का निर्णय वापस लेने की मांग की। यह प्रदर्शन संगठन के प्रदेश महामंत्री रामदयाल मीना के नेतृत्व में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक और पदाधिकारी शामिल हुए। जिला अध्यक्ष अमर सिंह मीना ने बताया कि सद्बुद्धि यज्ञ से पहले शिक्षकों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा के 21 पाठ किए। उन्होंने सरकार से शिक्षकों और विद्यार्थियों के हित में निर्णय लेने की प्रार्थना की। जिला मंत्री सुनील गोयल ने अवकाश कटौती पर सवाल उठाते हुए कहा कि कॉलेज शिक्षा में 60 दिन का ग्रीष्मावकाश दिया गया है, जबकि स्कूली शिक्षा में केवल 35 दिन का अवकाश निर्धारित है। उन्होंने तर्क दिया कि भीषण गर्मी में बच्चों को स्कूल बुलाना अव्यावहारिक है और इससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। प्रदेश कार्यालय मंत्री विजेंद्र सिंह खटाना ने एक अन्य मुद्दे पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि तृतीय वेतन श्रृंखला के अध्यापकों की पदोन्नति और स्थानांतरण की प्रक्रिया पिछले 5-6 वर्षों से लंबित है, जिससे शिक्षकों में भारी असंतोष है। उन्होंने सरकार से इस समस्या का शीघ्र समाधान करने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में तेजराम बालोती, देवेंद्र चौधरी, मनीष शर्मा, रमेश डूडीपुरा, पीयूष गोयल, अनिल वैष्णव, राजकुमार गर्ग, सौरभ जैन, चंद्रभान सिंह, नरसी लाल मीना, रविंद्र गुर्जर, सतनारायण सैन, प्रहलाद मीना, प्रकाशचंद मीना, नमोनारायण मीना, विश्राम मीना, सागर सिंह और लेखराम मीना सहित कई शिक्षक एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।