करौली जिले में बुधवार को हुई अच्छी बारिश ने कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत दिलाई और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लेकिन बारिश के साथ ही शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या सामने आई, जिससे नगर व्यवस्था की तैयारियों की पोल खुल गई। जिला एवं सत्र न्यायालय और रेलवे रिजर्वेशन काउंटर के सामने पानी भरने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि हाल ही में नालों की सफाई कराए जाने के बावजूद पहली ही अच्छी बारिश में व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई। जिलेभर में अच्छी बारिश बुधवार सुबह 8 बजे तक जारी वर्षा के आंकड़ों के अनुसार, करौली में 35 मिमी, हिंडौन में 14 मिमी, टोडाभीम में 37 मिमी, सपोटरा में 4 मिमी, नादौती में 36 मिमी, श्रीमहावीरजी में 31 मिमी, पांचना बांध पर 23 मिमी, जगर बांध पर 25 मिमी तथा कालीसिल बांध क्षेत्र में 3 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले में औसतन 20.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि इस मानसून सत्र में अब तक कुल 58.5 मिमी बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों तक जिले में मानसून के सक्रिय बने रहने की संभावना जताई है। गर्मी से राहत, दिनभर छाए रहे बादल बारिश के चलते बुधवार को पूरे दिन सूर्य के दर्शन नहीं हुए और आसमान बादलों से घिरा रहा। लगातार बनी ठंडक से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना बना रहा। कोर्ट और रेलवे क्षेत्र में जलभराव से बढ़ी परेशानी एनएच-23 स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर जलभराव होने से अधिवक्ताओं, वादकारियों और फरियादियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़क पर पानी भरने से वाहन चालकों और राहगीरों की आवाजाही भी प्रभावित रही। इसी तरह रेलवे रिजर्वेशन काउंटर के सामने भी सड़क पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी हुई। नाला सफाई पर उठे सवाल गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही एनएच-23 के किनारे बने नालों की सफाई के लिए उनके फेरो कवर काटकर सफाई कराई गई थी। इसके बावजूद पहली ही अच्छी बारिश में जलभराव की स्थिति बनने से नाला सफाई कार्यों की गुणवत्ता और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।