कांग्रेस नेता और कठूमर (अलवर) विधानसभा के पूर्व विधायक बाबूलाल बैरवा का 73 साल की उम्र में रविवार तड़के निधन हो गया। वे 13 अप्रैल से सवाई मानसिंह हॉस्पिटल (SMS) हॉस्पिटल जयपुर में एडमिट थे। वे बीपी और शुगर जैसी बीमारियों से जूझ रहे थे। सुबह करीब 3 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। बाबूलाल बैरवा ने नौ बार विधानसभा चुनाव लड़ा और चार बार विधायक चुने गए। आखिरी बार वे 2018 में कांग्रेस से विधायक रहे। साल 2023 में कांग्रेस ने उनका टिकट काट दिया था। कांग्रेस और भाजपा दोनों से ही विधायक रहे बाबूलाल बैरवा को क्षेत्र में एक जमीनी नेता के रूप में जाना जाता था। वे कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पर्टियों में रहे। उन्होंने पहला चुनाव साल 1980 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ा था। इसमें उन्होंने जीत दर्ज की थी। इसके बाद वे कांग्रेस में शामिल हो गए। साल 1985 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने। इसके बाद 2008 में भाजपा से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे और 2018 में एक बार फिर कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की। टिकट काटकर संजना जाटव को उतारा राजनीतिक जानकारों के अनुसार उन्होंने कुल 9 बार विधानसभा चुनाव लड़ा था। इनमें से 5 बार उन्हें हार मिली, लेकिन हार का अंतर एक हजार से 1200 वोटों का ही रहा। हारे चुनावों में वे हमेशा दूसरे नंबर के कैंडिडेट रहे। आखिरी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उनका टिकट काटकर संजना जाटव को मैदान में उतारा था। हालांकि, संजना विधानसभा चुनाव हार गई थीं। गहलोत ने कहा- ये बड़ी क्षति बाबूलाल बैरवा के निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर बाबूलाल के साथ एक पुरानी फोटो भी शेयर की। गहलोत ने लिखा- उनका जाना एक बड़ी क्षति है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है। पूर्व विधायक का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव रोनिजाथान (कठूमर) में रविवार दोपहर को हुआ। बाबूलाल बैरवा के परिवार में दो बेटे अवधेश और अमिताभ हैं। अवधेश स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं। इनपुट रोहित सिंघल …. ये खबर भी पढ़िए… पूर्व मंत्री हेम सिंह भड़ाना का निधन:2 बार बीजेपी से विधायक रहे, 6 महीने से कैंसर से पीड़ित थे अलवर के थानागाजी से विधायक रहे भाजपा नेता हेमसिंह भड़ाना का भी दो महीने पहले निधन हो गया था। वे लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। वे दो बार एमएलए रहे। पूरी खबर पढ़िए…