अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को वीडियो जारी कर कहा, ‘शराब नीति घोटाला मामले में मैं हाईकोर्ट में न खुद पेश होऊंगा और न ही कोई मेरी तरफ से दलीलें रखेगा।' उन्होंने कहा, हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। पूर्व सीएम ने जस्टिस स्वर्णकांता को लेटर भी लिखा। इसमें कहा, ‘मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए महात्मा गांधी के सत्याग्रह का रास्ता अपनाने का फैसला किया है। इसकी वजह है कि जस्टिस स्वर्णकांता के दोनों बच्चे केंद्र सरकार के वकील के पैनल का हिस्सा हैं। इसमें साफ तौर पर हितों का टकराव दिखता है।’ उन्होंने कहा, ‘सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता दोनों बच्चों को केस देते हैं। उनके बेटे को 2023 से 2025 के बीच करीब 5904 केस मिले। अगर जज के बच्चों का भविष्य सॉलिसिटर जनरल तय कर रहे हैं तो क्या जज साहिबा उनके खिलाफ फैसला सुना पाएंगी।’ केजरीवाल जस्टिस स्वर्णकांता को केस से क्यों हटाना चाहते हैं, समझें दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में निचली अदालत ने केजरीवाल समेत 24 आरोपियों को बरी कर दिया है। सीबीआई ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा इस केस की सुनवाई कर रही हैं। केजरीवाल उन पर हितों के टकराव का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने जस्टिस स्वर्णकांता की कोर्ट में उन्हीं को हटाने की याचिका लगाई। केजरीवाल ने खुद इस केस की पैरवी की। 20 अप्रैल को जस्टिस स्वर्णकांता ने यह याचिका खारिज कर दी। सुनवाई के दौरान कहा था... मैं इस मामले से खुद को अलग नहीं करूंगी। मैं सुनवाई करूंगी। मैं हट गई तो संदेश जाएगा कि दबाव डालकर किसी भी केस से जज को हटाया जा सकता है। केजरीवाल के वीडियो मैसेज के 4 पॉइंट्स जज को हटाने की अर्जी क्यों, 5 पॉइंट्स में समझिए 27 फरवरी: ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल को बरी किया था ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को इस मामले में केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपियों को राहत दी थी। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में CBI की जांच की कड़ी आलोचना भी की थी। केजरीवाल 156 दिन, सिसोदिया 530 दिन तक जेल में रहे दिल्ली सरकार ने 2021 में राजस्व बढ़ाने और शराब व्यापार में सुधार के लिए आबकारी नीति बनाई थी, जिसे बाद में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद वापस ले लिया गया। इसके बाद उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने CBI जांच के आदेश दिए थे। CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि इस नीति के जरिए निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और इसमें भ्रष्टाचार हुआ। इस मामले में केजरीवाल को 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान गिरफ्तार कर हिरासत में भेजा गया था। उन्हें 156 दिन की हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। वहीं, सिसोदिया इस मामले में 530 दिन तक जेल में रहे। ----------- ये खबर भी पढ़ें… जज को केस से हटाने वाली केजरीवाल की याचिका खारिज:जस्टिस स्वर्णकांता बोलीं- मैं हटी तो संदेश जाएगा दबाव डालकर जज हटा सकते हैं दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने शराब नीति केस से जुड़े पूर्व CM अरविंद केजरीवाल की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें जज के केस से हटने की मांग की गई थी। पूरी खबर पढ़ें…