खैरथल में गुरुवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 लागू न किए जाने के विरोध में महिलाओं ने प्रदर्शन किया। भारतीय जनता पार्टी के बैनर तले सैकड़ों महिलाओं ने जिला कार्यालय पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन से पहले एक प्रेस वार्ता हुई, जिसमें पूर्व विधायक अनिता गुर्जर, जिला अध्यक्ष महासिंह चौधरी, महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. शानू यादव और डॉ. अंजलि यादव सहित कई पदाधिकारियों ने भाग लिया। इसके बाद महिलाओं ने पदयात्रा निकालकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि संसद से पारित होने के बावजूद नारी शक्ति वंदन अधिनियम को अभी तक लागू नहीं किया गया है। उनका कहना था कि लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला ये कानून परिसीमन और जनगणना के नाम पर टालमटोल का शिकार हो रहा है। महिलाओं ने इसे संवैधानिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर महिला आरक्षण की वकालत की जाती है, वहीं दूसरी ओर इसे लागू कराने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इस दौरान महिलाओं ने मांग की कि अधिनियम को बिना किसी शर्त तुरंत लागू किया जाए। उन्होंने 2029 तक का इंतजार खत्म कर अगले चुनाव से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही। साथ ही, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रभावी नीति बनाने की भी मांग उठाई गई। मुख्य वक्ता अनिता गुर्जर ने कहा, "सरकारें आती-जाती रहेंगी, लेकिन महिलाओं के अधिकार अब और नहीं रुकेंगे। यदि अधिनियम जल्द लागू नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र होगा। नारी शक्ति अब चुप नहीं बैठेगी।" इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रही, जिससे खैरथल क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।