केंद्र सरकार की ‘परिवर्तन योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार को लेकर सोमवार को खैरथल नगर परिषद सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में निजी बस एवं ट्रक संचालकों, बाल वाहिनी संचालकों और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को योजना के लाभ और पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी रवीन्द्र जोशी ने बताया कि एनसीआर क्षेत्र में वाहन जनित प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से यह योजना लागू की गई है। इसके तहत बीएस-4 और इससे पुराने मानक वाले ट्रकों एवं बसों को नए बीएस-6, इलेक्ट्रिक (ईवी) या सीएनजी वाहनों से बदला जाएगा। पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग का भी प्रावधान उन्होंने बताया कि योजना में पुराने बीएस-3 और उससे निम्न श्रेणी के वाहनों को वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से स्क्रैप करने की व्यवस्था भी की गई है। योजना के तहत लाभ लेने के लिए वाहन मालिकों का पंजीयन ‘परिवर्तन पोर्टल’ पर 22 जुलाई 2026 से शुरू होगा। बैठक में अधिकारियों ने योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। इनमें प्रमुख रूप से— आरटीओ रवीन्द्र जोशी ने शैक्षणिक संस्थानों से अपील की कि वे अपनी बीएस-4 और पुराने मानकों वाली स्कूल बसों को नई पर्यावरण अनुकूल बसों से बदलें। उन्होंने कहा कि इससे प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं आधुनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। बैठक में जिला परिवहन अधिकारी भिवाड़ी राजीव चौधरी, परिवहन निरीक्षक रविदत्त शर्मा सहित निजी स्कूलों के प्रतिनिधि, बस संचालक और ट्रक संचालक मौजूद रहे। योजना की जानकारी मिलने के बाद वाहन मालिकों ने इसमें रुचि दिखाई और इसे प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।