खैरथल-तिजारा जिले के पटवारी मुरारीलाल यादव को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाए जाने के बाद राज्य सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश ने 15 अक्टूबर 2026 से उनकी बर्खास्तगी के आदेश जारी किए हैं। मुरारीलाल यादव, जो पहले लक्ष्मणगढ़ तहसील के गोठड़ा हल्का पटवारी थे, उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 2017 में मामला दर्ज किया था। यह मामला अलवर की विशेष कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को अपने फैसले में मुरारीलाल यादव को दोषी ठहराया। उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13(1)(डी) के तहत दो अलग-अलग अपराधों में चार-चार साल की कठोर जेल और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद, कलेक्टर ने उन्हें लोक सेवा में बनाए रखना ठीक नहीं समझा। उन्होंने नियमों का इस्तेमाल करते हुए बर्खास्तगी के आदेश दिए। मुरारीलाल यादव फिलहाल किशनगढ़बास तहसील कार्यालय में पटवारी थे। उनकी पहली नियुक्ति 4 नवंबर 1999 को हुई थी।