शहर स्थित खान एवं भू विज्ञान विभाग के जर्जर ऑफिस भवन में गुरुवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया। कार्यालय की छत से अचानक प्लास्टर और गिट्टी गिरने से वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, इस घटना में किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई। यह घटना दोपहर के समय हुई जब कर्मचारी अपने काम में व्यस्त थे। छत से गिरे मलबे के कुछ टुकड़े पास रखे कंप्यूटरों पर भी गिरे। कर्मचारियों ने समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर अपनी जान बचाई। खान एवं भू विज्ञान विभाग का यह भवन वर्ष 1992 में निर्मित हुआ था और लंबे समय से इसकी स्थिति बदहाल है। छत से पानी का रिसाव, प्लास्टर का झड़ना और लोहे के सरियों का बाहर निकलना यहां आम बात हो गई है। भवन की दीवारों में भी कई स्थानों पर चौड़ी दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। खनिज अभियंता पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति से उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इस भवन को दो वर्ष पहले ही जर्जर घोषित कर दिया था। नए भवन के निर्माण के लिए 31.57 लाख रुपए का प्रस्ताव भी भेजा गया है। इसके बावजूद नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया अब तक आगे नहीं बढ़ सकी है और न ही प्रस्ताव को स्वीकृति मिली है। ऐसे में कर्मचारियों को अभी भी जोखिम भरे माहौल में काम करना पड़ रहा है।