कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को कर्नाटक के कलबुर्गी में महिला आरक्षण, परिसीमन और चुनाव सुधारों पर सरकार के रवैये पर सवाल उठाए। खड़गे ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई सत्ता के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए है। उन्होंने कहा- सरकार लोकसभा की मौजूदा सीटों के आधार पर महिलाओं को 33% आरक्षण अभी लागू कर सकती है। इसके लिए परिसीमन का इंतजार करने की क्या जरूरत है। उन्होंने पीएन नरेंद्र मोदी पर विपक्ष को बदनाम करने का आरोप लगाया। खड़गे ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पर टिप्पणी करते हुए कहा- प्रधानमंत्री विपक्षी नेताओं के पत्रों का खुद जवाब नहीं देते, बल्कि दूसरों के जरिए जवाब भिजवाते हैं। पीएम ने रिजिजू को असली अधिकार नहीं दिए हैं। ज्ञानेश कुमार की तरह मध्यस्थ की तरह उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। EVM हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग खड़गे ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव की निगरानी बढ़ाने और बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के जरिए होने वाली गड़बड़ियों को रोकने की बात कही। उन्होंने कहा- निष्पक्ष चुनाव होना जरूरी है। संविधान यह तय नहीं करता कि कांग्रेस या किसी दूसरी पार्टी को ही जीतना चाहिए। कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए लड़ रही है। खड़गे बोले- विपक्ष की सहमति बिना परिसीमन विधेयक लाने की कोशिश हुई खड़गे ने अप्रैल 2026 में परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को कम समय में पेश किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने विपक्ष की सहमति लिए बिना विधेयक लाने की कोशिश की। यह विधेयक 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण पारित नहीं हो सका। खड़गे ने कहा कि बड़े संवैधानिक बदलावों पर फैसला लेने से पहले सभी राजनीतिक दलों से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को 11 अप्रैल, 16 जुलाई, 27 अगस्त और 16 अक्टूबर 2026 को पत्र लिखे। खड़गे ने नए प्रस्ताव संसद में लाने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। रिजिजू ने कहा था- विपक्ष से कई बार संपर्क किया था केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 19 अक्टूबर को खड़गे के पत्र का जवाब दिया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा के लिए विपक्ष से कई बार संपर्क किया था। रिजिजू के मुताबिक, उन्होंने 16 मार्च, 26 मार्च और 12 अप्रैल 2026 को खड़गे को पत्र लिखकर कांग्रेस का समर्थन मांगा था। उन्होंने यह भी कहा कि खड़गे से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की गई थी और मानसून सत्र के दौरान राहुल गांधी से मुलाकात हुई थी।