नागौर में अचानक गोवंश आ जाने से इको कार और मोटरसाइकिल की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। इको ड्राइवर घायल को अपनी गाड़ी से खींवसर जिला हॉस्पिटल लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। हादसा खींवसर क्षेत्र में नेशनल हाईवे-62 पर अहमदपुरा गांव के पास सोमवार सुबह 8 बजे हुआ। बीमार परिजन को जोधपुर ले जा रहा था इको चालक थानाधिकारी अमरचंद गौरा के अनुसार, इको कार ड्राइवर अपने बीमार परिजन को इलाज के लिए जोधपुर लेकर जा रहा था। अहमदपुरा गांव के पास अचानक सड़क पर गोवंश आ गया। इससे इको कार और सामने से आ रही मोटरसाइकिल बेकाबू हो गईं और दोनों की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार सुरेश मेघवाल गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को अपनी गाड़ी से हॉस्पिटल पहुंचाया हादसे के तुरंत बाद इको चालक ने मानवता दिखाते हुए घायल सुरेश मेघवाल को अपनी ही गाड़ी में बैठाकर खींवसर जिला हॉस्पिटल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर खींवसर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हादसे की जानकारी जुटाई। कार थाने में खड़ी करवाई, मरीज को दूसरी गाड़ी से भेजा थानाधिकारी अमरचंद गौरा ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त इको कार को थाने में खड़ा करवाया गया है। कार में बीमार मरीज होने के कारण उसे दूसरी गाड़ी से इलाज के लिए जोधपुर रवाना किया गया। वहीं पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना देकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। हादसे की खबर मिलते ही खींवसर जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण पहुंच गए। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई शुरू कर शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की। पांच बच्चों के सिर से उठा पिता का साया सिलगांव निवासी सुरेश मेघवाल (37) मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। सोमवार सुबह वह रोज की तरह मकान निर्माण के काम के लिए भाकरोध गांव जा रहे थे, लेकिन रास्ते में हादसे का शिकार हो गए। उनके परिवार में चार बेटियां और एक बेटा सहित पांच नाबालिग बच्चे हैं। परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।