उदयपुर बार एसोसिएशन की ओर से शुक्रवार को पुलिस आईजी के ऑफिस के बाहर वकीलों ने धरना-प्रदर्शन किया। गुस्साए वकील नारेबाजी करते हुए आईजी गौरव श्रीवास्तव के ऑफिस पहुंचे। वकीलों ने 'खाकी चोर है' और 'पुलिस प्रशासन हाय-हाय' के नारे लगाए। वकील आईजी को बाहर बुलाकर ज्ञापन लेने की मांग पर अड़ गई। इस दौरान आक्रोशित वकीलों की भीड़ को पुलिस ने रोकने और समझाइश की कोशिश की। कुछ देर तक वकीलों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की जैसे हालत बन गए। बाद में पुलिस ने समझाइश करते हुए वकीलों के प्रतिनिधिमंडल को आईजी से मिलवाया। तब जाकर मामला शांत हुआ। इस दौरान बार एसोसिएशन अध्यक्ष जितेंद्र जैन, उपाध्यक्ष महेंद्र मेनारिया, वित्त सचिव धर्मेन्द्र सोनी, पूर्व अध्यक्ष मनीष शर्मा, पूर्व महासचिव चेतनपुरी गोस्वामी, पूर्व अध्यक्ष राकेश मोगरा आदि मौजूद थे। रास्ते के विवाद को लेकर अधिवक्ता पर हुई थी एफआईआर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र जैन ने बताया- मकान के आगे रास्ते के विवाद को लेकर अधिवक्ता राजेंद्र सिंह राणावत के खिलाफ खेरोदा थाने में जो एफआईआर दर्ज की गई है। उससे पूरे अधिवक्ता संगठन में आक्रोश है। पुलिस ने अधिवक्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। जबकि अधिवक्ता की ओर से एफआईआर नहीं ली गई। अध्यक्ष ने बताया- हमने पूरा मामला आईजी को बताया है और मामले में अधिवक्ता राणावत की ओर से एफआईआर दर्ज करने की मांग की। आईजी ने इस संबंध में फाइल मंगवाकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।