किशनगढ़बास में हनुमान जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन बुधवार को कस्बा भक्ति और उत्साह से सराबोर हो उठा। मुख्य बाजार स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर से देर रात तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे शहर में आस्था का अद्भुत माहौल देखने को मिला। शोभायात्रा की शुरुआत होते ही “जय श्रीराम” और “बाबा बजरंगबली की जय” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। गले में भगवा दुपट्टा और हाथों में ध्वज लिए श्रद्धालु “थारी जय हो पवनकुमार, मैं वारी जाऊं बालाजी...” जैसे भजनों पर झूमते हुए चल रहे थे। श्रद्धालु घड़ियाल बजाते, जयकारे लगाते और भक्ति में लीन होकर पूरे मार्ग में उत्साह का संचार करते रहे। यात्रा में शामिल आकर्षक झांकियां लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनीं। हनुमानजी, राम दरबार, शिव परिवार, गणेश भगवान, राधा-कृष्ण और श्याम बाबा की सजीव झलकियों ने हर किसी का मन मोह लिया। शोभायात्रा के अंत में फूलों और रोशनी से सजे भगवान श्रीराम के दरबार में विराजमान हनुमानजी का रथ श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना रहा, जिसके आगे भक्त नाचते-गाते चल रहे थे। शोभायात्रा कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः हनुमान मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा सेवा शिविर लगाए गए, जहां खीर, लड्डू, मीठे जल की प्याऊ, आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स वितरित कर सेवा भावना का परिचय दिया गया। कार्यक्रम में मदनलाल पाटनिया, टीटू अग्रवाल, उमेशकांत वशिष्ठ, प्रेम सोनी, नुरेशकांत वशिष्ठ, चंद्रप्रकाश शर्मा, हरिओम गुप्ता, नवीन जैन सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सक्रिय भूमिका निभाई और आयोजन को सफल बनाया। मंदिर महंत कालूराम शर्मा ने बताया कि हनुमान जन्मोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को विशाल भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। शोभायात्रा के दौरान बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने ध्वज लेकर पदयात्रा में भाग लिया, जिससे माहौल और भी भक्तिमय हो गया। वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किशनगढ़बास थाना पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही और पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।