किशनगढ़बास थाना पुलिस ने 80 साल से बुजुर्ग की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कोर्ट के आदेश के बाद ये कार्रवाई की गई। आरोपियों पर जमीन हड़पने के लिए फर्जी इकरारनामा बनाने और एससी/एसटी के तहत आरोप हैं। मामले की जांच किशनगढ़बास वृत्ताधिकारी लालसिंह कर रहे हैं। फर्जी इकरारनामा तैयार करने का आरोप पुलिस ने बताया आशाराम (80) ने परिवार दिया है। जिसमें बताया कि गांव देवता स्थित खसरा संख्या 770 और 771 की गैरखातेदारी भूमि पर परिवादी आशाराम और उनके भाई-बहनों का कब्जा और हिस्सेदारी है। आरोप है कि आरोपियों ने साजिश रचकर साल 1997 का एक फर्जी इकरारनामा तैयार किया। इस दस्तावेज में कई जगह कटिंग और फेरबदल कर भूमि संबंधी विवरण बदले गए। परिवादी ने आरोप लगाया है कि इसी फर्जी इकरारनामे के आधार पर साल 2025 में एक और फर्जी इकरारनामा बनाया गया। इसके आधार पर उपखंड अधिकारी न्यायालय किशनगढ़बास में राजस्व वाद दायर कर भूमि अपने नाम दर्ज करा ली गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि परिवार की कुछ महिलाओं ने अपनी हिस्सेदारी कभी नहीं बेची, फिर भी उनके हिस्से की भूमि को भी वाद में शामिल कर डिक्री प्राप्त कर ली गई। इस्तगासे में आरोप है कि यह सुनियोजित षड्यंत्र राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराने और अनुचित लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से रचा गया था, जिससे परिवादी और उनके परिवार को नुकसान हुआ। 10 जून को मिली फर्जीवाड़े की जानकारी परिवादी का कहना है कि उन्हें इस कथित फर्जीवाड़े की जानकारी 10 जून 2026 को मिली। इसके बाद उन्होंने दस्तावेजों की प्रतियां प्राप्त कीं और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।