कोटा में ‘भास्कर समाधान’ ने लोगों को अपने गांव, गली, मोहल्ले और वार्ड की समस्याओं को खुलकर उठाने की ताकत दी है। अब लोग प्रशासन से न केवल सवाल पूछ रहे हैं बल्कि फोटो–वीडियो शेयर कर अधिकारियों को जमीनी हकीकत भी दिखा रहे हैं। इसने विभागों को भी सक्रिय होकर लोगों की परेशानी दूर करने के लिए प्रेरित किया है। आज की समस्याओं पर नजर डालने से पहले एक नजर उन समाधानों पर जिसने लोगों को राहत दी… ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट के बाद झूलते तारों की समस्या सुलझी कोटा के घनश्याम पंवार ने नान्ता रोड, आकांक्षादीप हाइट्स, कुन्हाड़ी से बिजली के तारों की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि हमारे यहां दो पोल के बीच बिजली के तार जमीन से कुछ फीट की ऊंचाई पर ही झूल रहे हैं। इनमें एक दो जगह तार का इंसुलिन भी फटा हुआ है। शिकायतकर्ता ने जमीन से ही सड़क पर लटक रहे तार को पकड़कर फोटो भेजा है ताकि बिजली विभाग खतरे की गंभीरता को समझ सकें। उन्होंने आशंका जताई है कि इससे कभी भी हादसा हो सकता है। उन्होंने इसके तुरंत समाधान की अपील की थी। पोस्ट पब्लिश होने के बाद संबंधित विभाग ने बिजली के तारों को खिंचवाकर गली से ऊपर करवा दिया है। रोशन हुआ रिवर फ्रंट, जेईएन पवन गुर्जर बने ‘स्टार ऑफिसर’ केशवपुरा के रहने वाले अर्जुन कुमावत ने रिवर फ्रंट के बैराज की तरफ के एंट्री गेट पर लगे स्तम्भों की लाइट न जलने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि यहां की लाइटिंग कई महीनों से खराब है। लेकिन इसकी वजह से हाड़ौती क्षेत्र के इस खास पर्यटन स्थल की खूबसूरती खराब हो रही है। न तो प्रशासन को कोई फिक्र है न ही जनप्रतिनिधी इस बारे में आवाज उठाते हैं। अर्जुन की पोस्ट पब्लिश होने के बाद कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) हरकत में आया और जेईएन पवन गुर्जर ने रिवर फ्रंट के बैराज प्रवेश द्वार और आसपास के मॉन्यूमेंट्स की लाइटिंग ठीक करवा दी। इससे अब यह एरिया फिर से रोशन हो गया है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान अभी विभागीय प्रक्रिया में हैं… गड्ढों भरी सड़क भी ले रही स्कूली बच्चों की परीक्षा कोटा के देओली रोड, बोरखेड़ा से अशोक शाह ने स्कूली बच्चों और टूटी–गड्ढों भरी सड़क का मुद्दा उठाया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है–‘बच्चों की राह इतनी मुश्किल क्यों? यह सड़क रोजाना करीब 3–4 स्कूलों के 1000 से 2000 बच्चों के आने–जाने का मुख्य रास्ता है। सैकड़ों राहगीर भी इसी रास्ते से गुजरते हैं। गड्ढों भरी इस टूटी–फूटी सड़क की खस्ता हालत के कारण सभी को बहुत परेशानी होती है। यह सिर्फ एक सड़क के खराब होने का मुद्दा नहीं है बल्कि बच्चों की सुरक्षा और सुविधा का सवाल भी है। संबंधित विभाग और प्रशासन से निवेदन है कि बच्चों की खातिर इस सड़क की जल्द मरम्मत करवाएं।’ पार्क में डीपी और खुले बिजली बॉक्स, बच्चों को खतरा शहर की वीआईपी कॉलोनी, तलवंडी से मुरली मनोहर जैन ने निगम का ध्यान पार्क में बिजली के खुले बॉक्स की तरफ दिलाया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि हमारे यहां पार्क में ज्यादातर पोल के नीचे लगे बिजली के बॉक्स और डीपी खुली हुई हैं। सुबह–शाम यहां बच्चे खेलते हैं। बारिश का मौसम है। कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है। इन खुली डीपी और बॉक्स को बंद कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करवाएं। इस संबंध में कई बार निगम और जन प्रतिनिधियों को मौखिक में शिकायत कर चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। बारिश में ‘गायब’ हो जाता है, खुले कुंए में गिरने का डर कोटा के गोवर्धनपुरा के रामचंद्रपुरा कॉलोनी से नवीन जैन ने अपने क्षेत्र में बने अनुपयोगी कुंए से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि उनकी कॉलोनी नम्रता आवास विस्तार, बजरंग नगर में मौजूद कुंए की न तो मुंडेर बनी हुई है न ही सुरक्षा जाली लगाई गई है। इसके चारों ओर फेंसिंग भी नहीं है। बरसात के दिनों में कुंए का पानी जमीन की सतह के बराबर आ जाता है इससे पता ही नहीं चलता कि यहां पानी के नीचे कोई कुंआ भी है। इन दिनों एक सूखा पेड़ भी यहां टूटकर गिरा हुआ है। निगम से अपील है कि आम जन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस कुंए की बाउंड्री कर इसे लोगों खासकर बच्चों के लिहाज से सुरक्षित किया जाए। न कचरा उठता न सफाई होती, दुकानदार परेशान फोटोग्राफर इरफान खान ने छबनी मेन रोड, छावनी से कचरा नियमित न उठाने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि राजदीप नर्सिंगहोम वाली गली में न तो कचरा नियमित रूप से उठाया जाता है न ही सफाई होती है। निगम के कर्मचारी इधर कम ही आते हैं। इस कारण गली में काफी कचरा जगह–जगह इकट्ठा हो गया है। दुकानदारों के साथ ही कस्टमर्स को भी काफी असुविधा होती है। पास ही एक सरकारी अस्पताल और सरकारी स्कूल भी है। निगम से अपील है कि इस समस्या का जल्द समाधान करें। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकते हैं। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.*'भास्कर समाधान' में सुरेन्द्र बने 'पब्लिक के स्टार':* निगम को मृत गाय उठाने की फुर्सत नहीं, जाम ड्रेनेज सिस्टम से कॉलोनी परेशान 2.*'भास्कर समाधान': आपकी समस्या एक पोस्ट में हल:* कोटा में टूटी सड़क, बिजली और गड्ढे बड़ी समस्या, 15 दिन पुराना गड्ढा भरा, प्लॉट का कचरा उठा 3.*'भास्कर समाधान' पर प्रेमचंद बने 'पब्लिक के स्टार':* जिस नाले में गिरा बछड़ा, उसे अब तक नहीं ढका, पार्किंग में स्टॉल लगाई, गाड़ी भी नहीं खड़ी करने देते 4.*पार्षद तबस्सुम बनीं 'पब्लिक की स्टार':* पार्क में टूटे झूले, ग्राउंड पर कचरा, कहां खेलें नौनिहाल, 15 दिन से नहीं हटाया रास्ते पर गिरा पेड़ 5. *कोटा में रोड लाइट और नाली की समस्या का समाधान:* जर्जर मकान, कचरा और अधूरी नाली से बढ़ी परेशानी, अरुण झावा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6. *भास्कर समाधान: बंद स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान:* झूलते बिजली के तार, अधूरी सड़क-नाली जैसी समस्याओं से परेशान लोग, धर्मेंद्र कुमार बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 7. *हैल्थ इंस्पेक्टर मनोज बने 'स्टार ऑफिसर':* नयागांव में लगी रोड लाइट, बोरखेड़ा में साफ हुई नालियां; मगरमच्छ और बंद वॉटर कूलर जैसी समस्या अब भी लंबित