कोटा में रानपुर थाना क्षेत्र में बीमारी से परेशान व्यक्ति ने सुसाइड कर लिया। वहीं मोड़क थाना क्षेत्र में खांसी की दवा समझकर कीटनाशक पीने से एक व्यापारी की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। पहला मामला रानपुर थाना क्षेत्र के जगपुरा इलाके का है। यहां कैंसर से पीड़ित व्यक्ति ने बुधवार रात को सुसाइड कर लिया। प्रेमचंद (52) ड्राइवर था। प्रेमचंद लंबे समय से कैंसर से पीड़ित था। प्रेमचंद के साले रामलाल ने बताया- उनका काफी इलाज करवाया, लेकिन बीमारी ठीक नहीं हुई। वे अपनी बीमारी को लेकर काफी तनाव में रहते थे। जैसे-तैसे चार बच्चों (तीन बेटी, एक बेटे) का पालन-पोषण कर रहे थे। छत के टिन से रस्सी बांधकर लगाया फंदा रानपुर थाना के ASI हरिओम सिंह ने बताया- प्रेमचंद डेढ़ साल से कैंसर बीमारी से पीड़ित था। उन्होंने कहा- परिजनों के अनुसार घर पर पत्नी व बच्चे कमरे में सो रहे थे। प्रेमचंद ने कमरे की बाहर की कुंडी लगा दी। फिर मकान में छत के टिन से रस्सी लगाकर फंदा लगा लिया। पता लगने पर परिजनों ने परिचित और रिश्तेदारों के फोन किया। कमरे की कुंडी खुलवाई। प्रेमचंद को नीचे उतारकर जगपुरा स्थित निजी मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां चेक करने के बाद डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में शव को कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में शिफ्ट करवाया। परिजनों ने बीमारी के चलते मानसिक तनाव में होनी की बात बताई है। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। काफी समय से व्यापारी को खांसी थी, गलती से कीटनाशक पीने से मौत दूसरी घटना मोड़क थाना क्षेत्र की है। यहां गफलत में कीटनाशक पीने से फर्नीचर व्यापारी की मौत हो गई। मोड़क निवासी व्यापारी जगदीश (55) को काफी समय से खांसी थी। उनकी दवाई चल रही थी। जगदीश ने बुधवार शाम 5 बजे खांसी की दवा समझकर खेत में फसल में छिड़कने वाली कीटनाशक गलती से पी ली। तबीयत बिगड़ने पर परिजन मोड़क हॉस्पिटल लेकर गए। वहां से कोटा रेफर किया गया। जगदीश का कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। देर रात 1 बजे उनकी मौत हो गई। जगदीश की फतेहपुर गांव में फर्नीचर और फेब्रिकेशन की दुकान है। बड़े भाई श्याम ने तहरीर रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।