कोटा के झालावाड रोड पर स्थित सिटी मॉल के दूसरे फ्लोर पर बुधवार सुबह लगी आग के बाद पहले और दूसरे फ्लोर की दुकानों की फॉल सिलिंग तक गिर गई, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आग स्टोर में कितनी भयानक थी और उसकी तपन की वजह से मॉल में अंदर भी काफी नुकसान हुआ है। कोचिंग स्टूडेंटस और शहरवासियों से हमेशा भरा रहने वाला सिटी मॉल हादसे के बाद अब सुनसान पड़ा हुआ है। अंदर हादसे के निशान जगह जगह नजर आ रहे है। आग लगने के बाद मॉल के अंदर के वीडियो भी सामने आए है। इसमें देखा जा सकता है कि कैसे अंदर की तरफ से धुआं स्टोर से निकलकर मॉल में भरने लगा था। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ, आग को बुझाया गया और उसके बाद मॉल की स्थिति भी वीडियो में साफ नजर आ रही है। ग्राउंड पर पानी ही पानी भरा हुआ है। फर्स्ट फ्लोर पर टूटी फॉल सिलिंग जगह जगह दिखाई दे रही है। हादसे के बाद अब सिटी मॉल को जांच के लिए सात दिन के लिए बंद कर दिया गया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि आग की सूचना के बाद हमारी टीमें मौके पर पहुंच गई थी और दो घंटे में आग को पूरी तरह काबू पा लिया गया था। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच की गई है, इसमें अभी तक यही सामने आया है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से ही आग लगी थी। इसकी रिपोर्ट हम तैयार कर रहे है। अभी विस्तृत जांच होना बाकी है। शार्ट सर्किट से स्पार्किंग फिर लगी आग मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यही बात सामने आई है कि पहले शॉर्ट सर्किट हुआ और उसके बाद स्पार्किंग की वजह से आग लगी। अभी दो चीजे सामने आ रही है जिसमें एक एसी लाइन में शॉर्ट सर्किट की और दूसरी इलेक्ट्रॉनिक पैनल में शॉर्ट सर्किट की वजह से स्पार्किंग हुई। इसलिए अभी विस्तृत जांच की जाएगी। स्पार्किंग की वजह से केबल में आग लगी और केबल के सहारे ही आग फैलते हुई फ्लेमेबल आइटम तक पहुंची और आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। उन्होंने बताया कि स्टोर में बड़ी मात्रा में सामान भरा हुआ था, जिसमें प्लास्टिक के आईटम के कई पैकेटस भरे हुए थे। प्लास्टिक ने आग पकड़ी, ऊपर फॉल सिलिंग की वजह से आग तेजी से फैली और पूरे फ्लोर में धुआं धुआं हो गया। स्टोर से आगे नहीं बढ़ने दी आग की लपटे राकेश व्यास ने बताया कि हमारी टीमे मौके पर पहुंच गई थी। साठ से ज्यादा दमकलकर्मी आग पर काबू पाने के लिए जुटे रहे। शुरूआत में पहुंची टीमों ने सीढियों के रास्ते ऊपर जाकर स्टोर की आग को आगे फैलने से रोकने की कोशिश शुरू कर दी। बीस दमकलकर्मी स्टोर के अंदर आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे। ताकि आग आगे की तरफ न फैले। बाकि टीमें बाहर से कांच तोड़कर और हाईड्रोलिक मशीन से आग बुझाने की कोशिश में जुटी रही। उन्होंने बताया कि इस दौरान तीन कर्मियों को चोटें भी आई, लेकिन आग बुझने तक वे मौके पर ही डटे रहे और फायर फाइटिंग करते रहे। हालांकि तीनों कर्मचारियों को मामूली चोटे आई, जिनका प्राथमिक उपचार भी किया गया। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक के आइटम जलने की वजह से इतना धुआं हुआ। इसके अलावा परफ्यूम की बोतले भी थी, वह भी हीट हुई और फटी और आग को बढ़ाने का काम किया। बाकि सारी स्थिति विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही साफ होगी। चिंता में दुकानदार, सात दिन क्या होगा इधर, हादसे के बाद अब मॉल को बंद कर दिया गया है। दुकानदार चिंतित है कि अब कैसे काम करेंगे और परिवार चलाएंगे। क्योंकि आमदनी का जरीया रोज की खरीद बिक्री ही रहती है। गुरूवार को सुबह से दुकानदार सिटी मॉल पहुंचना शुरू हो गए और अंदर जाने के लिए मिन्नते करने लगे। सिक्योरिटी गार्डस ने केवल पालिका बाजार जो कि मॉल के अंडरग्राउंड में है, उन्हीं के दुकानदारों को एकएक-दोदो दुकानदार करके अंदर जाने दिया ताकि वे अपनी दुकानों के सामान को देख सके। दरअसल, अंडरग्राउंड पालिका बाजार में हादसे के बाद पानी भर गया था। जिसके चलते बुधवार को इसे भी पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया था और दुकानदारों को अंदर नहीं जाने दिया गया। ऐसे में दुकानदारों को चिंता सता रही थी कि अंदर दुकानों के अंदर भी पानी पहुंच गया। ऐसे में उनका काफी नुकसान होगा। जब सुबह दुकानदार अंदर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। अंदर अभी भी पानी भरा हुआ था। कई दुकानदारों के सामान पानी में भीग गए। अंदर फॉल सिलिंग टूटकर गिरी पड़ी थी। दुकानदार रमेश ने बताया कि उसकी अंदर गारमेंट की शॉप है। काफी माल ग्राउंड पर रखा था, अंदर फॉल सिलिंग टूटी पड़ी है। अब नुकसान का पता तो पूरी तरह दुकाने खुलने पर ही लगेगा लेकिन लाखों का नुकसान तो सिर्फ पालिका बाजार के ही दुकानदारों का हो गया है। फर्स्ट और सैकंड फ्लोर पर तो और ज्यादा नुकसान है और इसके अलावा अब सात दिन तक दुकाने खुलेगी नहीं, वह नुकसान अलग है।