कोटा झालावाड़ रोड स्थित सिटी मॉल में बुधवार सुबह लगी आग के बाद अब अंदर की स्थिति सामने आई है। आग की हीट के कारण मॉल के फर्स्ट और सेकंड फ्लोर की फॉल सीलिंग गिर गई। मॉल के अंदर कई जगह आग के निशान दिखाई दे रहे हैं, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर पानी भर गया है। हादसे के बाद प्रशासन ने मॉल को जांच के लिए 7 दिन के लिए बंद कर दिया है। आग लगने के बाद मॉल के अंदर का वीडियो आया सामने अग्निशमन विभाग के अनुसार आग बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे लगी थी। आग बुझाने के दौरान धुआं बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम को दुकानों के शीशे तोड़ने पड़े, जिससे भी नुकसान बढ़ा। मॉल के अंदर स्थित एक DIY स्टोर में आग से करीब 1.25 करोड़ रुपए का नुकसान का अनुमान है, जबकि पूरे मॉल में 3 से 4 करोड़ रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि सूचना मिलते ही टीमें मौके पर पहुंच गईं और करीब 2 घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास के अनुसार एसी लाइन या इलेक्ट्रॉनिक पैनल में शॉर्ट सर्किट के बाद स्पार्किंग हुई, जिससे केबल में आग लगी और देखते ही देखते आग फ्लेमेबल सामान तक पहुंच गई। स्टोर में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक का सामान रखा हुआ था, जिसने आग को तेजी से फैलने में मदद की। ऊपर लगी फॉल सीलिंग के कारण धुआं पूरे फ्लोर में फैल गया। इसके अलावा परफ्यूम की बोतलें गर्म होकर फट गईं, जिससे आग और भड़क गई। शार्ट सर्किट से स्पार्किंग फिर लगी आग मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि शुरूआती जांच में यही बात सामने आई है कि पहले शॉर्ट सर्किट हुआ और उसके बाद स्पार्किंग की वजह से आग लगी। अभी दो चीजें सामने आ रही हैं जिसमें एक एसी लाइन में शॉर्ट सर्किट की और दूसरी इलेक्ट्रॉनिक पैनल में शॉर्ट सर्किट की वजह से स्पार्किंग हुई। इसलिए अभी डिटेल जांच की जाएगी। स्पार्किंग की वजह से केबल में आग लगी और केबल के सहारे ही आग फैलते हुई फ्लेमेबल आइटम तक पहुंची और आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। उन्होंने बताया कि स्टोर में बड़ी मात्रा में सामान भरा हुआ था, जिसमें प्लास्टिक के आईटम के कई पैकेटस भरे हुए थे। प्लास्टिक ने आग पकड़ी, ऊपर फॉल सिलिंग की वजह से आग तेजी से फैली और पूरे फ्लोर में धुआं धुआं हो गया। स्टोर से आगे नहीं बढ़ने दी आग की लपटें राकेश व्यास ने बताया कि हमारी टीमें मौके पर पहुंच गई थी। करीब 60 से ज्यादा दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे रहे। 20 लोगों की टीम ने सीढ़ियों से अंदर पहुंचकर आग को आगे फैलने से रोका, जबकि अन्य टीमों ने बाहर से कांच तोड़कर और हाइड्रोलिक मशीनों की मदद से आग पर काबू पाया। इस दौरान 3 दमकलकर्मी घायल भी हुए, हालांकि उन्हें मामूली चोटें आईं और प्राथमिक उपचार के बाद वे ड्यूटी पर डटे रहे। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक के आइटम जलने की वजह से इतना धुआं हुआ। इसके अलावा परफ्यूम की बोतले भी थी, वह भी हीट हुई और फटी और आग को बढ़ाने का काम किया। बाकि सारी स्थिति विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही साफ होगी। चिंता में दुकानदार, सात दिन क्या होगा हादसे के बाद मॉल बंद होने से दुकानदारों में चिंता बढ़ गई है। गुरुवार सुबह कई दुकानदार मॉल पहुंचे और अंदर जाने की परमिशन मांगी। सुरक्षा कर्मियों ने केवल अंडरग्राउंड पालिका बाजार के दुकानदारों को एक-एक करके अंदर जाने दिया। अंडरग्राउंड में पानी भर जाने से कई दुकानों का सामान खराब हो गया। अंदर फॉल सीलिंग भी टूटकर गिरी हुई मिली। जिसके चलते बुधवार को इसे भी पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया था और दुकानदारों को अंदर नहीं जाने दिया गया। ऐसे में दुकानदारों को चिंता सता रही थी कि अंदर दुकानों के अंदर भी पानी पहुंच गया। ऐसे में उनका काफी नुकसान होगा। जब सुबह दुकानदार अंदर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। दुकानदार रमेश ने बताया कि उसकी अंदर गारमेंट की शॉप है। काफी माल ग्राउंड पर रखा था, अंदर फॉल सिलिंग टूटी पड़ी है। अब नुकसान का पता तो पूरी तरह दुकाने खुलने पर ही लगेगा, लेकिन लाखों का नुकसान तो सिर्फ पालिका बाजार के ही दुकानदारों का हो गया है। फर्स्ट और सैकंड फ्लोर पर तो और ज्यादा नुकसान है और इसके अलावा अब सात दिन तक दुकानें खुलेगी नहीं, वह नुकसान अलग है।