मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को बीजेपी के 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान के तहत कोटा से पदयात्रा रैली शुरू की। इस दौरान सीएम ने कहा- कांग्रेस ने लोकतंत्र को माना ही नहीं। समाज को तोड़ने का काम किया है। आज पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया भर में भारत का डंका बज रहा है। चुनाव में जब परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आता है तो लोकतंत्र मजबूत होता है और जब पक्ष में नहीं आता है तो लोकतंत्र कमजोर हो जाता है। सीएम ने कहा- वोट जनता डालती है, लेकिन कांग्रेस जहां जीतती है वहां ईवीएम को सही मानती है और जहां हारती है वहां गड़बड़ बताती है। कांग्रेस ने तो सेना को भी नहीं छोड़ा। कभी चुनाव आयोग और कभी सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाते हैं। भजनलाल शर्मा ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा- उनके शासन में सत्ता संघर्ष के दौरान 4 महीने तक विधायक होटलों में बंद रहे। वन स्टेट, वन इलेक्शन पर ये कहते थे कि काकाजी भी एक साथ चुनाव नहीं करवा सकते। काकाजी ने करवा दिए। पढ़िए सीएम के भाषण की 4 बड़ी बातें.. 1. कांग्रेस ने किसी भी संस्था को नहीं छोड़ा सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- ऐसी कौनसी संस्था है, जिस पर कांग्रेस ने सवाल नहीं उठाया। कभी सेना, कभी चुनाव आयोग और कभी सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाते हैं। मोदी जी कहते हैं, न खाऊंगा और न खाने दूंगा। जो खाया है, वह निकाल लूंगा। जब निकालने की बात आती है तो संस्थाओं पर सवाल उठाते हो। 2. हर 3 महीने में आचार संहिता लगाकर पैसा बर्बाद किया मुख्यमंत्री ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा- उनके शासन में सत्ता संघर्ष के दौरान 4 महीने तक विधायक होटलों में बंद रहे। पंचायत और निकाय चुनाव दो-दो साल तक खिंचवाए गए और हर 3 महीने में आचार संहिता लगाकर जनता का पैसा बर्बाद किया गया। सीएम ने कहा- 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' पर ये कहते थे कि काकाजी भी एक साथ चुनाव नहीं करवा सकते। काकाजी ने करवा दिए। 3. भाजपा सरकार में 410 परीक्षा हुई, एक भी पेपर लीक नहीं हुआ भजनलाल शर्मा ने कहा- भाजपा सरकार के शासन में 410 परीक्षाएं हुईं, लेकिन एक में भी पेपर लीक नहीं हुआ। पहले के मामलों में करीब 600 लोग गिरफ्तार हुए हैं। 1.92 लाख युवाओं को नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए गए हैं, जबकि 1.18 लाख प्रक्रियाधीन हैं। सवा लाख पदों के लिए भर्तीयां निकाली गई है। भ्रष्टाचार के मामलों में 265 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी निलंबित किए। करीब 700 पर अनुशासनात्मक कार्रवाई, कुछ मामलों में पेंशन रोकी गई और कुछ को बर्खास्त किया गया। 4. कांग्रेस बैलेट पेपर से भी डरी हुई है सीएम ने हाल ही में हुए MLC चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कहा- कांग्रेस बैलेट पेपर से भी डरी हुई है और उसे जीरो सीटें मिली है। SIR पर किसी को आपत्ति हो तो तथ्यों और प्रमाणों के साथ सक्षम प्राधिकरण के सामने रखें। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल निर्वाचन आयोग के जवाबी हलफनामे का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि आयोग ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नाम जोड़ने-घटाने का अधिकार ईआरओ के पास है। पल-पल के अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…