कोटा शहर कांग्रेस में आज खुलकर गुटबाजी सामने आई। ‘संगठन बढ़ाओ, लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित बैठक में पूर्व मंत्री रहे शांति धारीवाल और पूर्व विधायक व लोकसभा प्रत्याशी रहे प्रह्लाद गुंजल गुट के कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए। नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। बैठक में पहली बार कोटा आए जिला प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज, खेल कूद प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अमिन पठान, देहात जिलाध्यक्ष भानु प्रताप समेत अन्य नेताओं ने स्थिति को संभाला। पार्टी की गुटबाजी को जिला प्रभारी ने भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि गुटबाजी किस जगह नहीं है। इसी वजह से पूरे देश में ही पार्टी कमजोर है। अब पार्टी को संगठन स्तर पर मजबूत किया जा रहा है।
पढ़िए- कार्यकर्ताओं की नाराजगी का कारण कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की नौबत कांग्रेस कार्यालय में आज देहात और शहर की बैठक रखी गई थी। बैठक की शुरूआत जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने अग्रिम पंक्ति के नेताओं का नाम लेकर किया। इस दौरान पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल का नाम नहीं लेने से कार्यकर्ता नाराज हो गए। इसे देखते हुए पूर्व मंत्री शांति धारीवाल गुट के कार्यकर्ताओं ने भी हंगामा कर दिया। दोनों गुट के कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए। जैसे-तैसे कर मामले को शांत करवाया गया। इसके बाद अतिथियों को माला पहनाने के लिए जब प्रहलाद गुंजल को मंच पर बुलाया गया। इस पर वे बोले कि वह तो पहले ही पहना चुके है। इस पर फिर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान दोनों ही गुटों के कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति हो गई। कुछ देर तक ऐसे ही नारेबाजी चलती रही, जिसके बाद कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष महिलाओं समेत कार्यालय के अंदर चली गई।
पढ़िए, क्या बोले कांग्रेस के नेता गुटबाजी की वजह से पार्टी कमजोर जिला प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज पहली बार कोटा में मीटिंग लेने आए थे। पहली ही मीटिंग में जमकर हंगामा हो गया। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए ही मीटिंग ली गई है। थोड़ा बहुत हो हंगामा हो गया था। उन्होंने कहा गुटबाजी है, इसी वजह से पूरे देश में ही पार्टी कमजोर है। लेकिन अब पार्टी को संगठन स्तर पर मजबूत किया जा रहा है। गुंजल बोले- कार्यकर्ताओं में गलतफहमी हुई प्रहलाद गुंजल ने बताया कि कोई ऐसी खास बात नहीं हुई है। कुछ कार्यकर्ताओं में गलतफहमी हो जाती है तो ऐसी ही स्थिति हो गई थी। समझा दिया था कार्यकर्ताओं को। प्रदेश स्तर पर अभियान चल रहा है उसी को लेकर मीटिंग थी। मीटिंग हो गई है। गुटबाजी जैसी कोई बात नहीं है। संगठन को मजबूत बनाने को लेकर चर्चा राखी गौतम ने कहा कि बैठक में संगठन को मजबूत बनाने को लेकर चर्चा की गई है। हमने पदाधिकारियों को भरोसा दिलाया है कि संगठन एक होकर काम करेगा। सरकार की नीतियां जो कि जनता के हित में नहीं है, उनके खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। हंगामे को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ कार्यकर्ता जोश में आकर नारेबाजी कर रहे थे। हंगामे जैसा कुछ नहीं था। हमारे लिए सभी वरिष्ठ नेता एक समान है और सब साथ में मिलकर सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। संगठन बढ़ाओ से पहले संगठन बचाओ वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक तरफ संगठन को बढ़ाने की बात हो रही है लेकिन शहर में ही नेताओं के अलग अलग गुट संगठन को कमजोर कर रहे हैं। बैठक का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं को एकजुट करना था, लेकिन कार्यक्रम के दौरान सामने आई गुटबाजी ने संगठन की अंदरूनी खींचतान को उजागर कर दिया।