अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में हुए कथित हेर-फेर और चोरी का मामला अब गर्माता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर कोटा शहर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन किया। राजस्थान कांग्रेस कमेटी, कोटा के मंडल अध्यक्ष (गणेश नगर) चेतन सोलंकी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने दंडवत यात्रा की। इसके बाद रंगबाड़ी बालाजी को मुख्य न्यायकर्ता मानते हुए भगवान हनुमान की प्रतिमा को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने का लगाया आरोप कांग्रेस नेता चेतन सोलंकी ने आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर में मंदिर समिति और वहां के कुछ कर्मचारियों की ओर से करोड़ों-अरबों रुपए के चढ़ावे का गबन किया गया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के करोड़ों सनातनियों और रामभक्तों की आस्था जुड़ी हुई है। भक्तों ने अपनी गाढ़ी कमाई और अटूट श्रद्धा से जो दान-चढ़ावा वहां अर्पित किया, उसे मंदिर के ही लोगों ने हेर-फेर कर दिया। मामला उजागर होने के बाद भी आज तक किसी दोषी के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई और न ही किसी को जेल भेजा गया है। सरकारी तंत्र भी कथित रूप से इन भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रहा है, जिससे आम जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है। सरकार ने अब तक सीबीआई जांच क्यों नहीं कराई? चेतन सोलंकी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने साल 2014 के चुनाव से लेकर अब तक हमेशा राम मंदिर के नाम का सहारा लेकर देश में अपनी सरकार बनाई है लेकिन इतने गंभीर भ्रष्टाचार के बाद भी अभी तक इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच नहीं कराई गई है। आरोपियों की अघोषित संपत्ति को लेकर ईडी द्वारा कोई ठोस कार्रवाई या जब्ती नहीं की गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, जिन्हें देश भर में बुल्डोजर वाले मुख्यमंत्री के नाम से जाना जाता है, उन्होंने राम मंदिर में चोरी करने वाले इन बड़े अपराधियों के घरों पर अब तक बुल्डोजर क्यों नहीं चलवाया? कांग्रेस नेता ने कहा कि जब इस देश का सरकारी तंत्र और जांच एजेंसियां पूरी तरह मौन हैं, तो अब केवल भगवान का ही सहारा बचा है।