अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत कोटा में आज कांग्रेस सड़कों पर उतरी। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बैरिकेट्स पर चढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार की। कार्यकर्ताओं की पुलिस से हल्की फुल्की झड़प भी हुई। इस दौरान प्रहलाद गुंजल मंच छोड़कर चले गए थे। इससे पहले बड़ी संख्या में कांग्रेसी रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट के गेट पर आयोजित सभा को कांग्रेसी वक्ताओं ने संबोधित किया। संबोधन के बाद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने एडीएम सिटी को ज्ञापन दिया। कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान गुटबाजी भी देखने मिली। कांग्रेसी कार्यकर्ता दो अलग अलग जगह से रैली में शामिल हुए। प्रहलाद गुंजल अपने कार्यकर्ताओं के साथ उम्मेद सिंह स्टेडियम के सामने से रवाना हुए। जबकि शहर व देहात कांग्रेस की और से लाडपुरा पंचायत समिति के बाहर इकट्ठा होकर रैली में शामिल हुए। विधायक शांति धारीवाल कलेक्ट्री चौराहे से रैली में शामिल हुए। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस महासचिव व कोटा प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज, गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यकारी अध्यक्ष व अभियान के कोटा संयोजक जिग्नेश मेवानी, विधायक शांति धारीवाल, विधायक अशोक चांदना, चेतन पटेल, पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल, शहर अध्यक्ष राखी गौतम, देहात अध्यक्ष भानु प्रताप, कांग्रेस नेता नईमुद्दीन गुड्डू, अमित धारीवाल सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे। देखिए प्रदर्शन से जुड़ी फोटोज… जानिए किसने क्या कहा? शांति धारीवाल- कांग्रेस ने छात्रों के पक्ष में अजीब तरीके का आंदोलन शुरू किया है। इस कार्यक्रम के साथ लोगों को जोड़ने का प्रयत्न करें। ताकि सरकार पर दबाव डालें। सरकार ने छात्र के ऊपर गोलियां तक चला दी।.. शर्म करो। प्रहलाद गुंजल- सारे हिंदुस्तान ने देखा है 56 इंच का सीना, 28 इंच की रील चलाकर इस देश के नौजवानों ने घुटनों पर ला दिया। दिल्ली का घटनाक्रम देश के सामने है। सत्ता के अहंकार में डूबी हुई मोदी सरकार, सरकार के मंत्री..... देश के नौजवानों को हल्के में ले लिया। मोदी को अंदाजा नहीं था। देश का नौजवान जब व्यवस्था में भरोसा रखकर अनुशासन में चलता है, तो समुंदर की शीतलता धारण करता है। और जब अकड़ कर सड़क पर आता है। ज्वालामुखी का विस्फोट बन जाता है। ये हिंदुस्तान का नौजवान है। तुम्हारी लाठी गोली तो क्या, ये भारत की वो जवानी है,जो फांसी के फंदे पर जाते समय अपना वजन बढ़ा लेती है। विधायक अशोक चांदना- चौकीदार के रहते चोरियां होने लगे, तो बताओ चौकीदार को नौकरी से निकलना चाहिए या नहीं। चौकीदार के रहते हुए पेपर चोरी हो गए, चंदा चोरी हुआ, चौकीदार के रहते वोट चोरी हुआ। इतने बड़े डकैतों के सरदार को पद से हटना चाहिए या नहीं। राहुल गांधी जी एक-एक कर तड़पा तड़पा कर भगाएंगे पहले। अमित शाह जी का नंबर है। विधायक चेतन पटेल- सरकार की जवाबदेही होनी चाहिए। क्या हर चीज की जवाबदेही सोशल मीडिया के माध्यम से ही होने लगी है। ये लोकतंत्र है। लोकतंत्र में जनता, सदन व मीडिया को आपको जवाब देना पड़ेगा।